कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंगरिया का किया औचक निरीक्षण, डाक्टर 15 दिनों से गायब

अनुपस्थित चिकित्सक पर कार्रवाई के निर्देश

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आमजन को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुंगरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं अभिलेखों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।

कलेक्टर ने सबसे पहले उपस्थिति पंजी की जांच की, जिसमें यह पाया गया कि पदस्थ चिकित्सक डॉ. अंकित पटेल विगत 15 दिवस से बिना पूर्व सूचना एवं स्वीकृति के अनुपस्थित हैं। इस पर कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवक का बिना सूचना अनुपस्थित रहना कर्तव्यहीनता की श्रेणी में आता है तथा इस प्रकार की लापरवाही आमजन के स्वास्थ्य से सीधे तौर पर खिलवाड़ है।

इसके पश्चात कलेक्टर ने स्टॉक रजिस्टर की जांच कर दवाइयों की उपलब्धता की स्थिति जानी तथा आवश्यक दवाइयों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रतिदिन दर्ज होने वाली ओपीडी पंजी के अवलोकन के दौरान कलेक्टर ने मरीजों की संख्या, उपचार की जानकारी एवं रिकॉर्ड संधारण की स्थिति का भी परीक्षण किया।

कलेक्टर ने उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केंद्र में समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, मरीजों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए तथा सभी अभिलेख अद्यतन रखे जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम एैश्वर्य वर्मा, तहसीलदार, जनसंपर्क अधिकारी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

15 दिनों से गायब डाक्टर की विभाग को नहीं जानकारी???

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। शासकीय अस्पताल में 15 दिनों से डाक्टर अनुपस्थित है और विभाग के आला अधिकारियों को पता तक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को समय समय पर शासकीय अस्पतालों का निरीक्षण और जानकारी जुटाना चाहिए़ पर इसका खुलासा भी जिला कलेक्टर के निरीक्षण पर होता है। जो काम विभाग को करना चाहिए़ वह कलेक्टर को करना पड़ रहा है बड़े अचरज की बात है। जिला और ब्लॉक स्तर पर विभाग की बैठकों, समीक्षा और जानकारियों के चलते नियमित बीएमओ और सीएमओ अस्पताल स्टॉप और डाक्टरों के संपर्क में रहते है तब भी डाक्टर के 15 दिनों से गायब होने की विभाग को जानकारी नहीं हो यह संभव नहीं लगता और यदि ऐसा है तो लापरवाह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी आवश्यक कार्यवाही की जाना चाहिए़।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!