डिवाइडर निर्माण में लापरवाही, छोड़े गए “कट” को लेकर उठ रहे सवाल

डिवाइडर निर्माण में लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य

सड़क दुर्घटना में वरिष्ठ अधिवक्ता की मृत्यु से भी नहीं लिया गया सबक

बैगांचल एक्सप्रेस, डिंडोरी, जिला मुख्यालय में बन रहे डिवाइडर को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली शुरू से ही चर्चा में रही है। पुराने यातायात कार्यालय से लेकर राममंदिर तक बनाए जा रहे डिवाइडर महीनों से बनाया जा रहा है। किंतु अभी तक पूरा नहीं बन पाया है। जो कि नगर परिषद की लचर व्यवस्था, तकनीकी अमले की लापरवाही और निष्क्रियता का एक उदाहरण मात्र है। अब भी एक छोर से बनना शुरू हुआ डिवाइडर अपने अंतिम छोर की ओर है किंतु बीच में बस स्टैंड का महत्वपूर्ण हिस्सा जहां डिवाइडर की अधिक आवश्यकता है उसे छोड़ दिया गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता अपने आप में जांच का विषय है। पहले निर्मित हो रहे डिवाइडर में लोहा बंध जाने के बाद इसकी ऊंचाई को लेकर विवाद उठा जिसके बाद, लोहा काटकर पूरे डिवाइडर का सीमेंटीकरण कर दिया गया। जिसके बाद फिर से अधिक ऊंचाई के डिवाइडर का निर्माण प्रारंभ हुआ। जिसकी गुणवत्ता देखने वाला कोई नहीं है। राममंदिर के पहले बन रहे डिवाइडर की ढलते ही गिरने लगा जिसे सीमेंट लगाकर जोड़ा दिया गया।

अंधेरे में मोबाइल की लाइट पर हो रहा निर्माण कार्य?

वही बिना किसी तकनीकी देखरेख के रात के अंधेरे में डिवाइडर के निर्माण पर सवाल खड़े होते है। कहा बिना किसी प्रकाश व्यवस्था के मोबाइल की लाइट में कॉन्क्रीट डाली जाती है। जिला मुख्यालय के बीच मजदूरों की सुरक्षा के बिना कोई उपाय के निर्माण कार्य किया जा रहा है पर न तो विभाग की कोई निगरानी है, विभाग की तरफ से ठेकदार को श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एतिहात बरतने के कोई निर्देश दिए जाते है। जब ठेकेदार निर्माण स्थल पर प्रकाश व्यवस्था तक करने में अक्षम है तो वो भला श्रमिकों की सुरक्षा के क्या इंतजाम करेगा। मोबाइल की रोशनी में डिवाइडर में कॉन्क्रीट का कार्य किया जाना अद्भुत नवाचार है, इसके लिए नगर परिषद के तकनीकी अमले, ठेकेदार और गणमान्य जनप्रतिनिधियों को प्रशासन द्वारा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाना चाहिए़।

किसके दबाव में छोड़े गए “कट” ??

इस निर्माणाधीन डिवाइडर में अवधियां लॉज के सामने आवश्यक रूप से “कट” छोड़ा जाना लगातार सवालों के घेरे में है। एक ओर शहर में पुराने बने डिवाइडर में लोगों के अचानक आजाने से दुर्घटनाओं को देखते हुए सब्जी मंडी और मुख्यमार्केट में जनता के विरोध के चलते नगर परिषद द्वारा बेरीकेट्स लगवाए गए है। उल्लेखनीय है कि शहर के एक विख्यात और वरिष्ठ अधिवक्ता सब्जी मंडी के पास से सड़क क्रॉस करते हुए दुर्घटना का शिकार हो गए थे जिसके चलते उनकी दुःखद मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद डिवाइडर के कुछ “कट्स” पर अस्थायी बेरीकेट्स नगर परिषद द्वारा ही लगवाए गए थे। किंतु इतनी बड़ी घटना के बाद भी नगर परिषद के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कोई सबक नहीं लिया शायद उन्हें और जानलेवा हादसों का इंतजार है।

वही अब जिस स्थान पर कट छोड़े गए है वह बस स्टैंड के पास है और दोनों तरफ बसों की आवाजाही पूरे दिन रहती है। वहां पर दो स्थानों पर बिना किसी कारण के “कट” छोड़ दिए गए है। जिनके पीछे दबाव और व्यक्ति विशेष को व्यवसायिक लाभ पहुंचाना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर परिषद का यह कारनामा जानलेवा साबित हो सकता है। जिस पर समय रहते रोक लगाई जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

अध्यक्ष और सीएमओ के निर्देश के बाद “कट” नहीं हुए बंद

इसको लेकर, पूर्व नगर पालिका अधिकारी का कहना था इसे बंद किया जाएगा तकनीकी गड़बड़ी के कारण फ़िलहाल जगह छोड़ी गई थी। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमति सुनीता सारस का कहना है इसको लेकर कई लोगों द्वारा आपत्ति दर्ज करवाई जा रही है जिसको लेकर मेरे द्वारा ठेकेदार और सब इंजीनियर को निर्देश दिए जा चुके है कि तत्काल उस स्थान पर डिवाइडर को पूर्ण रूप से बंद किया जावे। उपयंत्री का कहना है कि CMO रीना ठाकुर ने निरीक्षण के दौरान उक्त कट बंद करने के निर्देश दिए है, इन्हें सुलभ शौचालय की वजह से छोड़ा गया था। पूर्व सीएमओ और अध्यक्ष के निर्देशों के बाद भी सब इंजीनियर का जवाब है कि सुलभ कॉम्प्लेक्स की वजह से कट छोड़ा गया था। अब वर्तमान सीएमओ द्वारा भी निर्देश दिए गए है। तब भी उक्त स्थल पर अनावश्यक और दुर्घटनाओं की संभावना वाले “कट” को बंद किए जाने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। इस पर जिला प्रशासन को जनहित में नगर परिषद को स्पष्ट निर्देश देना आवश्यक है। ताकि किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से आमलोगों को सुरक्षित किया जा सके।

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