
मनरेगा अंतर्गत 50 लाख के घटिया निर्माण की खुली पोल
बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, शाहपुरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत दूबामाल के ग्राम पटपरा में मनरेगा अंतर्गत निर्मित चेकडैम पहली ही बारिश में फूट गया। निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इसे भ्रष्टाचार का खुला उदाहरण बताया है।
ग्रामीणों के अनुसार यह चेकडैम घुघवा खाती नाला पर कार्य एजेंसी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, डिंडोरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में निर्मित किया जा रहा था। कार्य का वर्क कोड 1745/WC/220/ 3035749059 एवं तकनीकी स्वीकृति TS-642 है। इस परियोजना के लिए कुल 50 लाख 73 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें
मजदूर मद : 7.22 लाख रुपये, सामग्रीमद :42.13 लाखरुपये, अन्य निधि: 1.38 लाख रुपये शामिल हैं।
प्राक्कलन की अनदेखी कर किया गया निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार चेकडैम की बॉडी वाल की लंबाई 35 मीटर होनी थी, जबकि मौके पर केवल 28 मीटर पाई गई, ऊंचाई 2.20 मीटर के स्थान पर मात्र 1.80 मीटर बनाई गई। इसके अलावा दोनों ओर 17-17 मीटर के क्रॉस वाल और 1.50 मीटर गहराई की नींव का प्रावधान था, लेकिन बिना उचित नींव के पत्थर के ऊपर ही कंक्रीट कर दीवारें खड़ी कर दी गईं। क्रॉसवाल की वास्तविक ऊंचाई मात्र 60–70 सेंटीमीटर पाई गई। प्राक्कलन में जहां तीन गेट बनाए जाने थे, वहीं मौके पर केवल एक गेट ही पाया गया। जिससे सिल्ट रुकने की प्रबल संभावना बनी रहती है। स्टील बार (सरिया) की मात्रा प्राक्कलन के अनुसार लगभग 3100 किलोग्राम उपयोग की जानी थी जो निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयोग ही नहीं की गई। घटिया निर्माण के कारण डाउन स्ट्रीम में बनाए गए 28 मीटर लंबाई और 4 मीटर चौड़ाई के एप्रोन पहली बारिश में ही बह गए।
ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

घटिया निर्माण से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच अन्य विभाग के द्वारा करवाई जाए और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक किसी भी प्रकार का भुगतान न किया जाए। गग्रामीणों का कहना है कि अब तक इस मामले में जनपद अध्यक्ष द्वारा कोई ठोस पहल या आवाज नहीं उठाई गई, जिससे उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह निर्माण कार्य मानक स्तर पर खरा नहीं उतरता और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। जिला प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
घटिया निर्माण कार्य के लिए सभी जिम्मेदारों पर हो कार्यवाही
पहली ही बारिश में भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ा किया गया चेकडैम का बह जाना साबित करता है कि पंचायतों के द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से मोटा कमीशन वसूल कर कार्य कराए जा रहे है। जिस पर उपयंत्री, एसडीओ और ईई तक किसी तरह की तकनीकी जांच और पड़ताल नहीं किए जाने से मनमाने ढंग से घटिया निर्माण किए जा रहे है। ऐसे घटिया निर्माणों के लिय जवाबदेह सरपंच, सचिव के साथ साथ इन सभी तकनीकी अधिकारियों के विरुद्ध जब तक जिला प्रशासन कार्यवाही नहीं कार्य तब तक पंचायतों में घटिया निर्माणों का सिलसिला रुकना संभव नहीं है।

