अंशकालिक भ्रत्यो ने की कलेक्टर दर से मानदेय की मांग की

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, विभिन्न छात्रावासों में, स्कूलों में, अधिकारियों के बंगले में कार्य कर रहे अंशकालिक भ्रत्यो ने जनसुनवाई में अपनी समस्या बताते हुए, मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की ताकि उनके परिवार का भरण पोषण हो सके। इनको मात्र 5000 रुपए मासिक मानदेय मिलता है आर्थिक संकट का सामना कर रहे इन भ्रत्यो की मांग है कि उन्हें कलेक्टर दर से मानदेय का भुगतान किया जाए तो उनकी गुजर बसर संभव है। महंगाई के चलते वे कर्ज में डूबते जा रहे है परिवार आर्थिक संकट झेल रहे है।

इनका कहना है कि हम लोगों को 5000 रु मात्र की दर से वेतन मिलता है, आज के महगाई के जमाने में 5000 रु. मे हम लोगों को पूरा महिना अपने परिवार को पालने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। हम लोगों की आर्थिक हालात बद से बदतर हो गई है। हम लोग दूसरों से कर्ज ले कर अपने परिवार की जरूरत पूरी करते हैं, जिससे हम लोग कर्जे में डूबते जा रहे है। हमें अपने बच्चों का कोई भूविष्य नजर नही आ रहा है। पहले किसान कर्जे से परेशान होकर खुद‌खुशी करते थे, क्या अब ऐसी ही स्थिति हम लोगों की भी देखना चाहते हैं।

प्रशासन हमारी मदद् करें, कम से कम हम लोगों को कलेक्टर दर से वेतन दिलाए जाने की स्वीकृति प्रदान करे। आपसे हाथ जोड़ कर प्रार्थना करते है. हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिये, हम लोगों को कलेक्टर दर की मानदेय प्रदान करने की कृपा करें।

अपनी मांग को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे इन सभी ने मीडिया के सामने अपना दर्द बया करते हुए प्रशासन से अनुरोध किया कि महंगाई में हमें उचित मानदेय देकर मदद की जावे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!