जिले में अवैध शराब का फलता फूलता कारोबार
दूसरे प्रदेश के लोग है अवैध शराब कारोबार में लिप्त
बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत निगवानी रोड में बाईपास चौराहे के पास बुधवार की रात लगभग 9 बजे मुखबिर की सूचना पर 72 पाव देशी एवं अंग्रेजी शराब जप्त की है। शराब के अवैध कारोबार करता पकड़ा गया उक्त युवक उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार एक व्यक्ति के नीले रंग की सुजुकी एक्सेस स्कूटी में अवैध रूप से शराब लेकर निगवानी चौराहा तरफ आने की जानकारी मिली। सूचना पर कोतवाली पुलिस ने निगवानी चौराहे के पास पहुंचकर कुछ देर इंतजार करने के बाद निगवानी वेयर हाउस तरफ से एक व्यक्ति वाहन से आते हुये दिखाई दिया। नीले रंग की सुजुकी एक्सेस 125 स्कूटी एमपी 52 जेडए 9316 में सामने तरफ एक मटमैले रंग का बैग रखा था। पूछताछ में उसने अपना नाम नारायण सिंह उर्फ मोनू सिंह पिता देवेन्द्र सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम कलसान तहसील तिरवा थाना इंदरगढ, जिला कन्नौज, उत्तर प्रदेश का निवासी बताया। उक्त व्यक्ति द्वारा हाल पता कलेक्ट्रेट तिराहे के पास बताया गया। वाहन में रखे मटमैले रंग के बैग में रखे कागज के कार्टून में 24 पाव एमडी रम कीमत 6000 रुपये एवं 48 पाव देशी प्लेन मदिरा कीमती 5280 रुपये एवं स्कूटी वाहन को जब्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के अंतर्गत कार्यवाही की गई है।
जिले में अवैध शराब के फलते फूलते कारोबार में बाहरी प्रदेश के युवक आकर्षित
जिले में शराब का अवैध कारोबार इस तरह फलफूल रहा है कि दूर प्रदेशों के युवक आकर यहां बेफिक्री से मोटी कमाई करने आ रहे है। पूर्व में भी बिहार और उत्तर प्रदेश से आकर जिला मुख्यालय में अवैध शराब कारोबार में लिप्त लोग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके है। जिला मुख्यालय में इस तरह की अवैध गतिविधि में शामिल लोग बिना पुलिस वेरिफिकेशन के यहां आसानी से रह रहे है और शराब का कारोबार कर रहे है। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं यह जिले की सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल दूसरे प्रदेश के लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है, इनके साथ और कितने बाहरी लोग, अवैध कारोबार में शामिल है पुलिस इसकी बारीकी से जांच करे तो जिले के अवैध शराब माफिया का चेहरा उजागर हो सकता है। सूत्रों की माने तो कलेक्ट्रेट तिराहे के करीब के आबादी क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाहरी युवक सक्रिय दिखाई देते है, बिना पुलिस वेरिफिकेशन के जिला मुख्यालय में रह रहे ऐसे तत्वों की पड़ताल आवश्यक है। इसके द्वारा की जा रही अवैध गतिविधियों को रोका जाना चाहिए़। भविष्य में सुरक्षा की दृष्टि से ये लोग खतरनाक साबित हो सकते है। जिले में शराब के अवैध कारोबार में शामिल शराब माफिया को बेनकाब करने के लिए बाहरी असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर रोक लगाने पुलिस को विशेष कार्यवाही करनी होगी।


