खबर खास है, अपने कर्तव्यों के यथार्थ की

बल्ली के सहारे दीवार पर चढ़कर SIR के फार्म अपलोड कर रही बी. एल.ओ.

वनग्राम ढोलबीजा की आंगनबाडी कार्यकर्ता श्रीमती लता चेचाम का सराहनीय कार्य

बैगांचल एक्सप्रेस, डिंडोरी, आज के दौर में खबरों का बड़ा स्त्रोत सिस्टम की खराबी, लापरवाह अफसरशाही और नौकरशाही, और भ्रष्टाचार कहे जा सकते है। ऐसे में यदि किसी सरकारी मुलाजिम का दायित्वों के प्रति सम्पूर्ण समर्पण कही किसी खबर का आधार हो तो लोगों के लिए, समाज के लिए अचरज की बात तो जरूर होगी।

ऐसी ही एक जानकारी जिले के अमरपुर वृत्त से आ रही है जहां एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जिनका नाम श्रीमती लता चेचाम है उनका कार्य के प्रति समर्पण देखा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वनग्राम ढोलबीजा जो कि शहपुरा विधानसभा का सबसे आखिरी मतदान केन्द्र है जिसका क्रमांक 336 है। जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी की दूरी पर स्थित इस ग्राम में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। इस मतदान केंद्र यानि वनग्राम ढोलबीजा की बी.एल.ओ. आंगनबाडी कार्यकर्ता श्रीमती लता चेचाम है। क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या के बाद भी यह महिलाकर्मी बिना किसी मदद के (SIR) विशेष गहन पुनरीक्षण का काम पूरी निष्ठा एवं लगन से तो कर ही रही है बल्कि इनका कार्य इस विशेष परिस्थिति में खास तौर पर प्रशंसनीय है। पहले ये गाँव में घर घर भ्रमण कर गणना फार्म भरती है उन्हें एकत्र करती है और इसके पश्चात मोबाईल में नेटवर्क की उपलब्धता वाले एक भवन की दीवार पर जहां नेटवर्क मिलता है एक बल्ली के सहारे चढ़कर
दीवार पर खडे होकर मतदाताओं के फार्म अपलोड करती है। जो कि एक कठिन और जोखिम भरा कार्य है। SIR की दिनांक 18 नवंबर 2025 की शायं 8 बजे की प्रगति रिपोर्ट में इस मतदान केन्द्र में 41.61% कार्य पूर्ण हो चुका है। परिस्थितियों के लिहाज से इस कार्यप्रगति को बेहतर माना जा सकता है। जहां कई बी. एल. ओ. कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे है और तरह तरह की समस्याओं को कार्य में बाधा बताते है, वहीं श्रीमती लता चेचाम “जहाँ चाह वहाँ राह” को यर्थाथ में परिणित कर रहीं है। सेवा को संकल्प के रूप में लेकर कठिन परिस्थिति को भी काम में बाधक नहीं बनने दे रही है। उनके इस प्रयास की, कार्य की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम ही है।

जिला प्रशासन से अनुरोध है ढोलबीजा की बी.एल.ओ. आंगनबाडी कार्यकर्ता श्रीमती लता चेचाम के, सेवा के प्रति इस संकल्प और समर्पण को सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जाना चाहिए़ ताकि विषम परिस्थितियों में भी कार्य को पूर्ण करने की यह कोशिश, एक शासकीय सेवक का अपने दायित्व के प्रति समर्पण नजीर बन सके। इनका यह प्रयास लोगों के लिए प्रेरणा बने।

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