पीड़ित पिता ने एस. पी. से की शिकायत

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, जिले में दलाली और गरीबों को मूर्ख बनाकर पैसा वसूलने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि वे पुलिस के नाम से पैसा वसूलने से भी नहीं डर रहे है। जिस परिवार का बेटा साल भर से गुम हो परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो तब भी दलाल उसको लूटने से बाज नहीं आते। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें पीडरूखी निवासी महेंद्र परस्ते द्वारा राजस्थान में साल भर पहले गुम हुए उसके बेटे की तलाश के लिए CBI जांच करवा कर लड़के को खोजने की बात कहकर खपरी पानी ग्राम के निवासी शिवराज से 20 हजार रुपए ले लिए जबकि उक्त व्यक्ति का पुलिस से कोई संबंध नहीं है। उक्त घटना की आज पीड़ित शिवराज ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित आवेदन देकर आरोपी से इसकी राशि वापस दिलवाने और उनके गुम लड़के की तलाश करवाने के लिए आवेदन दिया।
पुलिस अधीक्षक को दिए लिखित आवेदन के अनुसार प्रार्थी चेतराम पिता श्री मदनू कुशराम उम्र 60 वर्ष जाति गोंड निवासी ग्राम खपरी पानी थाना तह बजाग जिला डिण्डौरी म.प्र का स्थाई निवासी हूँ। मेरा लड़का शिवलाल करीब 11 माह पूर्व जोधपुर राजस्थान काम करने गया था जो गुम गया है। इस संबंध में ग्राम पिण्डरूखी के महेन्द्र परस्ते हमारे घर खपरीपानी आकर बोला कि सीबीआई जाँच कराकर आपके लड़का शिवलाल का तलाश कराव दूँगा। जिसके खर्च के लिये अधिकारियों को 20,000/ रू. अंकन बीस हजार रूपये देने के नाम से झूठ बोलकर मई 2025 में ले रुपए गया है। लड़का मिल जायगा सोचकर मैंने महेन्द्र परस्ते के हस्ते 20,000 रू. अंकन बीस हजार रूपये नगद दे दिया और आज दिनांक तक महेन्द्र परस्ते के द्वारा ना तो मेरे लड़के को ढूंढवाया और न ही मुझे आज तक पैसा वापस दिया। मेरे बड़े लड़के के द्वारा कई बार महेन्द्र परस्ते से पैसे मांगे गये तो उनको गुमराह करते हुये आज दे दूँगा कल दे दूंगा कहकर अभी तक पैसे वापस नहीं किया और अब हमारा फोन भी नहीं उठा रहा है।
अतः निवेदन है कि मुझ प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत आवेदन स्वीकार करते हुये अनावेदक से मुझे मेरा पैसा वापस दिलाये जाने के लिये एवं अनावेदक के खिलाफ उचित कार्यवाही किये जाने की दया करें।
मामले में आरोपी द्वारा पुलिस अधिकारियों के नाम पर गरीब और पीड़ित परिवार से पैसे की वसूली गई है। उक्त मामले में जांच कराकर पुलिस प्रशासन को आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करनी चाहिए ताकि ऐसे पीड़ित और परेशान, गरीब परिवारों को निशाना बनाने वाले दलालों को सबक मिल सके।

