जिला पंचायत सीईओ के आदेश के बाद कार्रवाई हुई शुरू

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, जनपद पंचायत समनापुर में पदस्थ डाटा एन्ट्री कम्प्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी ने कूट रचित तरीके से मध्यप्रदेश भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल योजना के तहत हितग्राही को लाभान्वित न कर अपने निजी खाते में 6 हजार अंत्येष्टि सहायता राशि और 4 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता राशि हस्तांतरण कर ली गई थी। मामला उजागर होने के बाद CEO जनपद पंचायत ने जांच कराकर भौतिक सत्यापन पश्चात जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के सहित प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी तथा जिला श्रम अधिकारी डिंडौरी को प्रेषित की गई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी ने 7 नवम्बर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर को आदेश जारी करते हुये डाटा एन्ट्री ऑपरेटर से तीन दिवस में गबन की गई राशि जमा कराने और डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीईओ जनपद ने नोटिस जारी किया था जिसके बाद कम्प्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी ने 10 नवम्बर 2025 को जनपद पंचायत समनापुर के एकल खाते में 4 लाख रूपये जमा कराते हुये रसीद जनपद पंचायत समनापुर में प्रस्तुत की है। अब तक कम्प्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी के विरूद्व जनपद पंचायत द्वारा बतौर अनुशासनात्मक कार्यवाही कोई कदम नहीं उठाये गये हैं। जिससे अब सवाल उठने लगे हैं, कि इस पूरे प्रकरण में कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता तो की गई है लेकिन जनपद में कार्यरत संबंधित शाखा के प्रभारी सहित अन्य की भी भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। वही गबन की राशि की वापस खाते में जमा कराकर जनपद द्वारा दोषी कंप्यूटर ऑपरेटर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि उक्त मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाना चाहिए था। बताया जाता है कि धांधली करने वाला कंप्यूटर ऑपरेटर अस्थाई कर्मी है। जनपद पंचायत द्वारा उसे पद से हटा दिया गया है, बताया जाता है कि आरोपी गायब हो गया है।
डाटा एंट्री कंप्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी को श्रम शाखा के अलावा सामाजिक न्याय और संबल योजना का कार्य भी सौंपा गया था। मामला उजागर होने के बाद उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण जिला डिंडौरी के द्वारा भी 6 नवम्बर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर को पत्र जारी करते हुए लेख किया गया था कि कार्यरत ऑपरेटर को शीघ्र विभागीय योजनाओं के कार्य से पृथक किया जाये। साथ ही कार्यरत ऑपरेटर की समयावधि के दौरान विभागीय योजनाओं तथा राष्ट्रीय परिवार सहायता, पेंशन योजना के कार्यों का परीक्षण सामाजिक सुरक्षा अधिकारी से कराया जाकर प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। हालांकि इस गंभीर वित्तीय अनियमितता पर प्रशासन का लचर रवैया प्रतीत होता है कम्प्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी के द्वारा कूटरचित तरीके से अपने खाते में राशि का हस्तांतरण करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है ऐसी दशा में प्रशासन को पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराना था जो अब तक नहीं की गई है।
जिले की सभी जनपदों में जांच की मांग
समनापुर जनपद पंचायत में भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिये जाने के बाद, इस तरह की संभावनाएं देखी जा रही है और जिले की अन्य जनपद पंचायतों में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। जिले की जनपदों में सरकार की महत्वपूर्ण योजना कर्मकार मंडल अंतर्गत मृतक के परिजनों को अनुग्रह एवं अंत्येष्टि राशि दी गई है लेकिन जनपद में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा गरीबों को मिलने वाली राशि में धांधली कर निजी एवं अन्य खातों में हस्तांतरित की गई है। आरोप यह भी लगाया गया कि जिन पात्र हितग्राहियों को राशि दी गई है उनसे भी मोटा कमीशन लिया गया है। अतः योजनांतर्गत प्राप्त सभी स्वीकृत और अस्वीकृत प्रकरणों की समीक्षा और पड़ताल की जाना चाहिए़।
कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध जल्द FIR संभव
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मामले में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में आरोपी के विरुद्ध FIR कराए जाने की मांग की गई हैं। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जनपद सीईओ को आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए गए है, संभवतः आरोपी के विरुद्ध बहुत जल्द अपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है।

