निजी खाते में हस्तांतरण की गई लाखों रूपये की राशि
केवलारी पंचायत का मामला
बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के मामलों में सख्त कार्यवाही नहीं होने और गड़बड़ी की राशि के समायोजन का अवसर दिए जाने से अब सरपंच और सचिव नियमों को किनारे कर मनमानी पर उतारू है। सीधी सी बात है पकड़े गए तो अधिकतम राशि जमा करने की कार्यवाही होगी और नहीं पकड़े गए तब तो कोई बात ही नहीं।
ऐसा ही कुछ सामने आ रहा है डिंडोरी जनपद की ग्राम पंचायत केवलारी से जहां निर्माण कार्यों के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही है। जानकारी के अनुसार सरपंच उर्मिला मसराम और उनके पति छोटे लाल मसराम के नाम पर बिल लगाकर लाखों रूपये का आहरण पंचायत की राशि से किया गया है। वर्तमान सरपंच के पति छोटे लाल मसराम विगत पंचवर्षीय में सरपंच थे तब भी उन्होंने अपने निजी खाते में पंचायत की राशि का हस्तांतरण किया जाना भी बताया जाता है और यही परम्परा वर्तमान में भी बेरोकटोक जारी है, जो पंचायती राज के नियमों से खिलवाड़ ही कहा जाएगा। ग्राम पंचायत में सफाई कार्य एवं अन्य व्यय दिखाकर लाखों रूपये गबन किए जाने के भी आरोप इन पर लग रहे है। इन मामलों में सचिव और सब इंजीनियर की साठगांठ को नकारा नहीं जा सकता। शासन के निर्देशों के मुताबिक ग्राम पंचायत का निर्वाचित जनप्रतिनिधि और उनके परिजनों के खाते में पंचायत की राशि का भुगतान या हस्तांतरण करना नियम विरुद्ध है, मानदेय की राशि को छोड़कर, किंतु इस तरह के भुगतान उक्त पंचायत में बड़े स्तर पर किए गए है।
सरपंच और सरपंच पति के खाते में लाखों रुपए का हस्तांतरण हुआ
पंचायत की ऑनलाइन जानकारी के अनुसार पोर्टल में दिख रहे भुगतानो के अनुसार सरपंच उर्मिला मसराम के नाम पर 12 अप्रेल 2025 को सीएम कार्यक्रम हेतु 9500 रूपये, 12 अप्रेल 2025 को अन्य व्यय 5 हजार रूपये, 5 मई 2025 अन्य कार्य 9 हजार रूपये, 5 मई 2025 नाॅडेप स्वच्छता परिसर की सफाई हेतु 9 हजार रूपये, 20 मई 2025 को प्रिंटर रिपेयरिंग और आदि उत्सव में खर्च के नाम पर 18 हजार रूपये का बिल लगाकर भुगतान किया गया। की गई है। सरपंच पति छोटे लाल मसराम के नाम पर 16 नवम्बर 2022 अन्य व्यय 26 हजार रूपये, 05 दिसम्बर 2022 अन्य व्यय 35 हजार रूपये, 14 फरवरी 2023 अन्य व्यय 14 हजार 2 सौ पचास रूपये, 14 फरवरी 2023 अन्य व्यय 11 हजार 5 सौं रूपये, 20 फरवरी 2023 को सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए 1 लाख 52 हजार रूपये, आहरित किये गये। इसके साथ ही 4 मई 2024 अन्य व्यय 54 हजार 5 सौ रूपये, 20 मई 2024 अन्य व्यय 35 हजार रूपये, 12 जून 2024 को उत्कृष्ट यात्रा के नाम पर 65 हजार रूपये, 24 जून 2024 अन्य व्यय 17 हजार 5 सौ रूपये, 24 जून 2024 अन्य व्यय 20 हजार, 31 जुलाई 2024 अन्य व्यय 24 हजार 4 सौ 65 रूपये, 6 अगस्त 2024 अन्य व्यय 5 हजार रूपये, 31 अगस्त 2024 अन्य व्यय 48 हजार 6 सौ रुपये, 21 दिसम्बर 2024 अन्य व्यय 48 हजार 5 सौं रूपये का भुगतान देखने मिलता है। पहला तो सरपंच पति को नियम विरुद्ध भुगतान किया गया दूसरा तत्वों को छिपाकर अन्य व्यय के नाम पर लाखों रुपए के भुगतान सरपंच पति के नाम पर किया जाना बड़े स्तर पर गड़बड़ी का संकेत है जिसकी जांच होना चाहिए़।
वर्तमान सरपंच उर्मिला मसराम के द्वारा जहां हजारों रूपये अपने निजी खाते में हस्तांतरण करा लिये वहीं अपने पति के खाते में लाखों रुपये हस्तांतरित कर पंचायत की राशि सेंधमारी की गई है। पंचायत के खाते से फोटो कापी और स्टेशनरी के लिए भी भारी भरकम भुगतान किया जाना पोर्टल में दर्शित है जबकि एक निश्चित राजी स्टेशनरी में व्यय किया जाना होता है। यदि धांधली की सूक्ष्मता से जांच की जाए तो और भी मामले सामने आ सकते है।
सरपंच पति का ग्राम पंचायत में हस्तक्षेप
बताया जाता है कि पंचायत की महिला सरपंच के द्वारा ग्राम पंचायत के कार्यों में कम रुचि दिखाई जाती है, उनके पति का हस्तक्षेप अधिक होता है। सूत्रों की माने तो ग्राम पंचायत केवलारी में सरपंच उर्मिला मसराम के स्थान पर पति का हस्तक्षेप है। निर्माण कार्यों से लेकर जनपद मुख्यालय तक में इनकी मौजूदगी देखी गई है। महिलाओं को प्रतिनिधित्व देकर उन्हें सशक्त बनाने की सरकार की सोच पर, महिला सरपंच की शक्तियों पर उनके पतियों का अतिक्रमण रूढ़िवादी सोच का प्रमाण है जो शासन की मंशा पर पानी फेर रहा है। ऐसे प्रयासों को बेदखल करना जिला पंचायत की जिम्मेदारी है।
इस पूरे मामले में पंचायत सचिव गोलमोल जवाब देते है तो वहीं जनपद के अधिकारियों के पास रटा हुआ जवाब है मामला संज्ञान में आया है, जांच करवाकर नियमानुसार कार्यवाही करेंगे। पंचायत के वित्तीय लेनदेन पर नजर रखना जनपद के अधिकारियों की जिम्मेदारी है पर मामले इनके संज्ञान में लाए जाते है जब पंचायत की राशि पर डाका डल गया होता है, जिला पंचायत को ऐसे गैरजिम्मेदार अधिकारियों पर भी कठोर कार्यवाही करना होगी यदि ग्राम पंचायतों में चल रहे खुले भ्रष्टाचार को रोकना है तो।

