मृतक की अनुग्रह सहायता राशि में कम्प्यूटर ऑपरेटर ने की सेंधमारी: पद से किया पृथक

कम्प्यूटर ऑपरेटर ने निरस्त प्रकरण को सही करार देकर निजी खाते में हस्‍तांतरण की राशि

जनपद पंचायत समनापुर के कम्प्यूटर ऑपरेटर पर धांधली के लगे आरोप कार्रवाई प्रस्तावित

म.प्र. भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल योजना के तहत अनुग्रह सहायता का था प्रकरण

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, जनपद पंचायत समनापुर में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर ने कूटरचित तरीके से मध्यप्रदेश भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल योजना के तहत हितग्राही को लाभान्वित न कर अपने निजी खाते में 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि हस्तांतरण कर लिया।मामला उजागर होने के बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच टीम का गठन कर भौतिक सत्यापन पश्चात प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे। साथ ही संबंधित ऑपरेटर को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। जांच उपरांत जांच टीम ने पाया कि कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा पोर्टल में हितग्राही के खाते की जगह अपना बैंक खाता पोर्टल में दर्ज कर राशि 4 लाख रुपये हस्तांतरण कर लिया गया।

जानकारी के अनुसार जिस प्रकरण में कम्प्यूटर ऑपरेटर ने राशि स्वीकृति के पश्चात अपने खाते में अंतरित किया है, उस प्रकरण को जनपद स्तरीय सत्यापन दल के द्वारा निरस्त किया जाकर प्रकरण वापस कर दिया गया था। लेकिन ऑपरेटर ने अपने निजी फायदे के लिए कूटरचित तरीके से सही करार देते हुये पोर्टल में अपना निजी खाता दर्ज कर गोलमाल कर लिया है। हालांकि प्रकरण स्वीकृति के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित शाखा प्रभारी की सहमति के साथ नोटशीट भी संलग्न की जाती है। जिसको लेकर संबंधितों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, जो जांच का विषय है।

क्या है मामला……..

जनपद पंचायत समनापुर की ग्राम पंचायत गौराकन्हारी के पोषक ग्राम ढावा में हिरौंदा बाई पति एतरा सिंह उर्फ इतवारी सिंह जाति बैगा की 31 दिसम्बर 2020 को सामान्य मृत्यु हुई थी। शासन की योजना के प्रावधान अनुसार मृतक के वारिसों को अंत्येष्टि सहायता राशि 6 हजार एवं अनुग्रह सहायता राशि 4 लाख रुपये मिलना था। जिस संबंध में आवेदक एतरा सिंह द्वारा दस्तावेजों की खानापूर्ति के बाद ग्राम पंचायत में आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिस पर कार्रवाई करते हुये ग्राम पंचायत ने जनपद स्तर पर प्रकरण स्वीकृति के लिए वर्ष 2022 में प्रेषित किया गया था। लेकिन जनपद स्तरीय सत्यापन दल द्वारा प्रकरण में खामियां पाते हुये निरस्त कर दिया था। पर जनपद पंचायत समनापुर के कम्प्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी ने कूट रचित तरीके से प्रकरण को सही करार देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर से स्वीकृति प्रदान कर राशि जारी करने प्रेषित कर दिया। हालांकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग में सीईओ की सहमति में संशय बना हुआ है। लेकिन कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा अपने खाते में दिनांक 13 अक्टूबर 2022 को राशि हस्तांतरण किया जाना प्रदर्शित होता है। इससे साफ जाहिर होता है, कि ऑपरेटर द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया है।

जांच के बाद हुई कार्रवाई..

इस पूरे मामले का खुलासा लगभग 15 दिवस पूर्व तब हुआ जब ऑडिट के दौरान कम्प्यूटर ऑपरेटर के बैंक आफ बड़ौदा खाता क्रमांक 45308100025190 में 4 लाख रुपये म.प्र. भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल योजना के तहत अंतरण किया जाना पाया गया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोषी करार देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी सहित प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी एवं श्रम पदाधिकारी डिंडौरी को कार्रवाई हेतु प्रस्ताव प्रेषित की गई है। कम्प्यूटर ऑपरेटर मुकेश मालवी को जनपद में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन, संबल योजना, और भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल योजना के संचालन कार्य में संलग्न किया गया था। हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण डिंडौरी के द्वारा 06 नवम्बर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर को पत्र प्रेषित करते हुए आउटसोर्सिंग डाटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश मालवी भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल अंतर्गत हितग्राही की अनुग्रह एवं अंत्येष्टि सहायता राशि अपने खाते में लिये जाने को लेकर शीघ्र विभागीय योजनाओं के कार्य से पृथक किया जाकर समस्त पोर्टल की आईडी पासवर्ड परिवर्तन कर नवीन आउटसोर्स आपरेटर को संलग्न करने के निर्देश जारी किये हैं।

मृतक की सहायता राशि में ऑपरेटर ने डाला डाका

संवेदनहीनता की हद तब पार हो गई जब एक बैगा महिला की मौत के बाद शासन की योजना अनुसार वारिसान को अनुग्रह सहायता राशि से लाभान्वित किया जाना था लेकिन आवेदन में खामियां होने के चलते सत्यापन दल ने प्रकरण को निरस्त कर दिया था लेकिन कम्प्यूटर ऑपरेटर ने बैगा परिवार सहित विभागीय अमले की आंख में धूल झोंकते हुए प्रकरण को कूटरचित तरीके से स्वीकृत करते हुए अपने फायदे को ऊपर रख कर 4 लाख रुपये स्वयं के खाते में अंतरित कर लिया। सूत्र बताते हैं, कि मामला उजागर होने के बाद विभागीय अमला कम्प्यूटर ऑपरेटर को बचाने की जद्दोजहद में लग गया है, और आहरित राशि शासकीय खाता में जमा कराने की जुगत में है। लेकिन कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा की गई गंभीर वित्तीय अनियमितता को प्रशसन कितनी गंभीरता से लेता है क्या कूटरचित तरीके से शासन को वित्तीय चूना लगाने वाले कलेक्टर दर पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के विरुद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है कि नहीं यह देखना होगा।

इनका कहना है:

प्रकरण संज्ञान में आने के बाद जांच टीम गठित की गई थी तथा संबंधित कम्प्यूटर ऑपरेटर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कार्रवाई हेतु प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित किया गया है।

लोकेश नारनौरे, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर

अन्य जनपदों में भी इसी तरह के घोटालों का खुलासा बैगांचल एक्सप्रेस पर अतिशीघ्र होगा…

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