जिन लोगों को प्रशासन तक पहुंचने में कठिनाई हो, प्रशासन का खुद उन तक पहुंचने का प्रयास
दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भाव का अद्भुद उदाहरण
बैगांचल एक्सप्रेस, डिंडोरी, 4 नबंबर 2025 को आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, अचानक अपनी कुर्सी छोड़कर जाते देख उपस्थित अधिकारी अचरज में पड़ गए आखिर जिला कलेक्टर उठकर कहा जा रही है। तब तक जिला कलेक्टर चलकर हॉल के दूसरे छोर पर खड़े एक बुजुर्ग दिव्यांग के पास तक पहुंच चुकी थी और उन्होंने उस बुजुर्ग व्यक्ति का शिकायत पत्र पढ़कर उससे उसकी शिकायत सुनी और शिकायतकर्ता दिव्यांग उत्तमचंद चौकसे, निवासी ग्राम जुनवानी, विकासखंड अमरपुर को समस्या का निराकरण करवाए जाने का आश्वासन देते हुए उन्होंने वहां उपस्थित स्टॉप को निर्देश दिए कि इन्हें शिकायत की पावती थी पर उपलब्ध कराओ इन्हें परेशान नहीं किया जाए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिव्यांग हितग्राही उत्तमचंद चौकसे ने अपने आवेदन में बाताया की मेरी बात सुने बिना एकपक्षीय कार्यवाही की गई जिस पर दिव्यांग हितग्राही ने प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा न्याय एवं सुरक्षा की मांग की हैं। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने उनकी स्थिति को देखकर गहरी संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय दिया। उन्होंने हितग्राही की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया का मानना है कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को न्याय दिलाना है और विशेष रूप से दिव्यांगजन के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि आवेदन की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि पीड़ित को जल्द ही न्याय मिल सके। कलेक्ट्रेट कार्यालय डिंडौरी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान इस मार्मिक और प्रेरणादायक पल को देखकर आमजन जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की सोच, कार्यप्रणाली , संवेदनशीलता, तत्पर और मानवीय व्यवहार की सराहना कर रहे है लोगों का कहना है कि जिस तरह मानवता की मिसाल जिला कलेक्टर ने प्रस्तुत की है इसका अनुसरण सभी अधिकारियों को करना चाहिए़ ताकि पीड़ित, परेशान, गरीब जन की समस्याओं का निराकरण हो सके हर व्यक्ति को न्याय मिल सके। जिन लोगों को प्रशासन तक पहुंचने में कठिनाई हो, प्रशासन को खुद उन तक पहुंचने के ऐसे छोटे छोटे प्रयासों से देश की तस्वीर बदल सकती है। जिला कलेक्टर के इस मानवीय व्यवहार की जिले भर में चर्चा है और सभी उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए इस अनुकरणीय पहल की प्रशंसा कर रहे है।

