बजाग “BMO का नशे का नवाचार” करते, वीडियो वायरल जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की अपेक्षा

जिले में नशेड़ियों और नशे के कारोबार पर नहीं है रोक

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, जिले पर नशीले मादक पदार्थों का व्यापक असर है। अवैध नशे के कारोबारियों को जिले में खुली छूट के चलते अवैध शराब, गांजा माफियाओं के हौसले बुलंद है और शराब, गांजा जैसे मादक पदार्थों की सहज उपलब्धता के चलते आमलोगों में इनके उपयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है। जहां सरकार लाखों रुपए खर्च कर नशामुक्ति के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चला रही है वही जिले में शराब माफिया गांव गांव, घर धर शराब पहुंचाकर हर माह करोड़ो रुपए कमा रहे है। इन माफियाओं के साथ सैकड़ों बेरोजगार युवक और छोटे छोटे दुकानदार जुड़े है जो मादक पदार्थों की बिक्री से मोटी कमाई कर रहे है। जिले में दिखावे के लिए चलाए जाने वाले दिखावटी अभियानों की पोल अब खुलने लगी है और जिन विभागों की जिम्मेदारी है लोगों को नशे से बचाने की वही इसमें लिप्त देखे जा रहे है जिस पर जिला प्रशासन को कड़ी कार्यवाही करनी तो चाहिए।

मामले की जांच कराकर कार्यवाही की जाए

विगत दिवस बजाज ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी उठा रहे डाक्टर विपिन राजपूत का वीडियो खबरों के माध्यम से सामने आया दी जा रही जानकारी के अनुसार “वीडियो में वे नशे का कोई नवाचार करते देखे जा रहे है। वे मादक पदार्थ का सेवन करने की मुद्रा में दिखाई दे रहे है। जिसे देखकर आम लोगों में आक्रोश है। नशे का नवाचार करते दिख रहे डाक्टर की ये हरकत किसी चिकित्सीय परिसर की है जो उनके आवास की बताई जा रही है। इस तरह की गतिविधि में शामिल जिले के जिम्मेदार अधिकारी पर जिला प्रशासन को तत्काल कार्यवाही करना चाहिए़। वीडियो की जांच कराई जाए यदि सत्यता की पुष्टि होती है और वीडियो प्रमाणित पाया जाता है तो उनके ऊपर जो भी सख्त कार्यवाही हो सकती है प्रशासन द्वारा की जाना चाहिए। जिससे इस तरह की गतिविधियों में शामिल अन्य अधिकारियों कर्मचारियों को भी सबक मिल सके।

डाक्टर विपिन राजपूत पर लगे आरोप को वे साजिश बता रहे है और वे इस साजिश में शामिल अन्य विभागीय लोगों की तरफ इशारा भी कर रहे है। वीडियो की सत्यता की कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। अतः प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच कराकर दोषी जो भी हो उनके विरुद्ध कार्यवाही करना चाहिए़।

ब्लॉक स्तर पर कचरा फेकना बंद करे विभाग

जिला चिकित्सा विभाग को बिगड़ैल और नशेलची अमले को जिला मुख्यालय में ही रखकर उनका समुचित उपचार करना चाहिए़ उन पर निगरानी रखना चाहिए जिससे वो ठीक ढंग से अपना कार्य करे। ब्लॉक स्तर पर वैसे ही कम स्वास्थ्य सुविधाएं है और जो है भी वो भी ऐसे अधिकारियों के चलते ठप्प पड़ जाती है। सामुदायिक केंद्र बजाग में डाक्टरों की लापरवाही और समय पर उचित इलाज नहीं होने को लेकर आमजन लंबे समय से परेशान है जिसकी शिनायते भी उच्च अधिकारियों से समय समय पर की जाती रही है किंतु कोई कार्यवाही नहीं होने से क्षेत्रीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। यहां उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी बजाग में पदस्थ BMO को नशे की हालत में पत्रकारों के साथ गाली गलौज का वीडियो वायरल होने पर हटाकर बजाग से करंजिया भेज दिया गया था वहां फिर उनका वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ने मरीजों के साथ लात घूंसे से मारपीट और गाली गलौज कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग को विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता को देखते हुए अमला पदस्त करना चाहिए़ ताकि गरीब, आदिवासी, पिछड़े क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ सुविधाओं का उचित लाभ मिल सके। वही जिला प्रशासन को जिले भर की बिगड़ती हुई सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था के मद्देनजर मादक पदार्थ के माफियाओं के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।

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