33 वर्षों बाद आर्यिका संघ का डिंडौरी नगर में भव्य आगमन

सकल जैन समाज द्वारा आर्यिका संघ की भव्य अगवानी की गई

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका विमल मति माता जी, निर्मल मति माता जी, निर्वेग मति माता जी, सविनय मति माता जी, शाश्वत मति माता जी एवं निकट मति माता जी का मंडला से पद विहार करते हुए आज डिंडौरी नगर में मंगल आगमन हुआ। सकल जैन समाज द्वारा आर्यिका संघ की भव्य अगवानी की गई, जिसमें श्रद्धालुजनों ने पुष्पवृष्टि एवं जयकारों के साथ आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर नगर में धार्मिक उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1992 में पहली बार आर्यिका संघ का डिंडौरी नगर में आगमन हुआ था, जिसके पश्चात आज 33 वर्षों बाद पुनः यह पावन अवसर प्राप्त हुआ है।

आर्यिका संघ का यह पद विहार अमरकंटक एवं कारोपानी होते हुए श्री सम्मेद शिखर तक होगा, जहां वे आगे धर्म साधना में प्रवृत्त होंगी। संपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्वागत नहीं, बल्कि संयम, अहिंसा और आत्मजागरण के संदेश का प्रसार था जो आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की शिक्षाओं का सार है।

श्रद्धालुजन इस ऐतिहासिक अवसर को डिंडौरी के लिए धार्मिक सौभाग्य का क्षण मानते हुए, आर्यिका संघ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं।

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