अधिकारियों को राशि आहरण करने में मदद करने के दिये निर्देश
बैगांचल एक्सप्रेस,30 अक्टूबर 2025, डिंडोरी, मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में धनुवासागर निवासी एक बुजुर्ग महिला पहुंची थी जहा सुनवाई कर रहे जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी से वृद्धावस्था पेंशन डेढ़ साल से न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुये सीईओ जिला पंचायत ने अपने वाहन से गनमेन के साथ वृद्ध महिला को बैंक भेजकर स्टेटमेंट निकलवाया। जिसमें महिला के खाते में हर माह राशि जमा होने की जानकारी सामने आई। लेकिन महिला के फिंगर प्रिंट मैच न होने के कारण राशि आहरण में परेशानी पेश आने की बात कही गई। जिसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अधिकारियों को बैंक जाकर विड्रावल से राशि का आहरण करवाने के निर्देश दिये।
इस दौरान बुजुर्ग महिला ने शिकायत में बतलाया कि ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक ओमप्रकाश से मिली थी 15 सौ रुपए मांग रहा था। जनसुनवाई के कागज देखकर बोला है, कि अब वहीं तुम्हारा समाधान होगा। मेरे पास पैसे भी नहीं थे, दूसरे से 20 रुपए उधार मांग कर लाई हूं, बिना पैसे लिए घर नहीं जाऊंगी। इस संबंध में सामाजिक न्याय विभाग जिला अधिकारी श्याम सिंगोंर ने बताया कि महिला के खाते में हर महीने पैसे जा रहे है, फिंगर प्रिंट मैच नहीं होने की वजह से दिक्कत आ रही है। बैंक अधिकारी से बात हो गई है, अभी परेशान महिला को अपने साथ में लेकर जा रहे है, विड्रावल से पैसा निकलवा कर उसे दिया जायेगा।
CEO की संवेदनशीलता ने बुजुर्ग महिला को दिलाई राहत
जिले में व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमराई हुई है जिसकी मुख्य वजह आमजन के प्रति अधिकारियों की असंवेदनशीलता ही है। उक्त बुजुर्ग महिला लगभग डेढ़ वर्ष से परेशानी का सामना कर रही थी, उसके द्वारा पहले भी अपनी गुहार लगाई है होगी पर कोई सुनवाई करने ही तैयार नहीं था। जिला पंचायत पहले भी थी, अधिकारी बड़े बड़े जनप्रतिनिधि जिला पंचायत की वर्षों से शोभा बढ़ा रहे है पर आर्थिक संकट झेल रही बुजुर्ग की एक छोटी सी समस्या का निदान करने का किसी ने भी गंभीरता से प्रयास नहीं किया गया। वही संवेदनशील युवा अधिकारी ने एक ही दिन में बुजुर्ग महिला को वर्षों से छीनी उसकी खुशी वापस दिला दी, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी के निर्णयों की सराहना पूरे जिले में ही रही है वही भ्रष्टाचार में लिप्त पंचायतों के विरुद्ध उनकी कार्यवाही से जिले की ग्राम पंचायतों में हड़कंप मच हुआ है। जिला और जनपद पंचायत का लापरवाह और भ्रष्ट अमला सकते है पता नहीं कब किस पर गाज गिर जाए।

