“दिव्यांग शिविर” में भटकते रहे दिव्यांग, सिर्फ कागजी खानापूर्ति पर विधायक ने जताई नाराजगी

कागजों में बंट गये उपकरण, शिविर में अव्यवस्थाएं रही हावी

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी,जिले में सामाजिक न्याय विभाग दिव्यांगों के साथ न्याय कर पाने में नाकाम साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि दिव्यांगों को शासन से मुहैया होने वाले उपकरण, सामग्री और पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग कागजों में उपकरण वितरण दिखा कर खुद की पीठ थपथपा रहा है। जबकि हकीकत इससे परे है। इस बावद विधायक ओमकार मरकाम ने भी विभागीय कार्यप्रणाली पर भी ऐतराज जताया है। शिविर के दौरान ऐसा ही एक मामला बुधवार को जिला अस्पताल में आयोजित जन कल्याण सह स्वास्थ्य शिविर में सामने आया है। जहां कूड़ा निवासी शंकर कोल अपने पुत्र अशोक उम्र 12 साल के साथ पहुंचे थे। उन्होंने बतलाया कि उनका पुत्र अशोक पैरों से दिव्यांग है जिसको अभी भी ट्राई साइकिल और दिव्यांग पेंशन नहीं मिल पा रही है। इस बावद जब उसने विभाग से संपर्क किया तो शंकर को बतलाया गया कि तीन साल पहले मेरे पुत्र अशोक के नाम से ट्राईसाइकिल वितरण हो चुकी है, जिसकी एंट्री भी है। जबकि शंकर का कहना है कि पुत्र अशोक को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। इसी तरह दिव्यांग नेमी तेकाम की माता अंबिका निवासी ईमलई ने बतलाया कि उसकी बेटी भी पिछले आठ साल से दिव्यांग पेंशन के लाभ से वंचित है। शिविर में कुंडा निवासी धन सिंह वनवासी अपनी दिव्यांग बेटी राजवती उम्र 14 साल को दिव्यांग सहायता दिलाने भटकते मिले। वहीं छिवली निवासी दिव्यांग अमर सिंह तेकाम 32 साल भी बैटरी चलित ट्राईसाईकिल हेतु पिछले लंबे समय से भटकते देखे गये।

विधायक ओमकार मरकाम ने जताई नाराजगी

दिव्यांगों को पेश आ रही समस्याओं पर डिंडौरी विधायक ओमकार मरकाम ने नाराजगी जताई और विभागीय अधिकारियों को योजना क्रियान्वयन में सुधार के निर्देश दिए । इस दौरान शिविर में वरिष्ठ अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भी विधायक ने नाराजगी दिखाई। जिसके बाद आनन फानन में अधिकारी शिविर में पहुंचे और दिव्यांगों की सुध ली गई। शिविर में अव्यवस्थाएं इतनी हावी थी कि दिव्यांगों एवं अन्य हितग्राहियों के लिए पेयजल की व्यवस्था भी नहीं की गई।

कुर्सियों पर जमे रहे कर्मचारी, जमीन पर बैठे दिव्यांग

शिविर में सरकारी महकमे का अमानवीय चेहरा भी सामने आया है। शिविर में पहुंचे दिव्यांग जमीन पर बैठने को मजबूर रहे जबकि सरकारी कर्मचारीयो ने कुर्सियों पर कब्जा जमाये रखा। इस बावद विधायक की नाराजगी के बाद दिव्यांगों को कुर्सी नसीब हुई।

गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय परिसर में जिन दिव्यांगों के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था उन्हें ही अव्यवस्था का शिकार होना पडा।

उपकरण नहीं मिलने से भटकते रहे दिव्यांग

आयोजित जिला स्तरीय शिविर में पंचायत के माध्यम से दिव्यांगों को लाया गया था जो पूरे समय इधर से उधर भड़कते नजर आएं ग्रामीण, बुजुर्ग और दिव्यांग वैसे ही अपनी समस्याओं से परेशान होते है ऊपर से शिविर में कोई सही जानकारी देकर व्यवस्थित नामांकन आदि की भी व्यवस्था नहीं की गई। आयोजित शिविर में जैसे तैसे परेशान होकर आए दिव्यांगों को उपकरण देने हेतु केवल पंजीयन किया गया और बताया गया कि उन्हें फोन करके शहपुरा बरगांव में बुलाया जाएगा वहीं उपकरण दिए जाएंगे। इस व्यवस्था पर डिंडोरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा ग्रामीण अंचल से गरीब पीड़ित परेशान होकर यहां आए है। इनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि ये बार बार आ सके, उन्होंने पंजीकृत हितग्राहियों को सामग्री उनकी पंचायत में पहुंचाकर दिए जाने का आग्रह प्रशासन से किया। ख़राब मौसम में अव्यवस्थाओं के बीच पूरा दिन भटकने के बाद खाली हाथ लौटते हुए दिव्यांग और उनके परिजनों में प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश दिखाई दिया।

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