जल जीवन मिशन के कार्य समय पर कार्य न करने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

जल निगम मर्यादित, महाप्रबंधक को सप्ताह में तीन दिन डिंडोरी में रहने निर्देश

कार्य प्रगति धीमी होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 23 अक्टूबर 2025, जल जीवन मिशन के तहत आज कलेक्ट्रेट सभागार डिंडोरी में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया (अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति) की अध्यक्षता में समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत डिंडोरी, विधायक डिंडोरी, शहपुरा, जनपद अध्यक्ष डिंडोरी, समनापुर, मेहंदवानी, करंजिया, बजाग़, राहुल पांडे जनपद सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दीपांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, डिप्टी कलेक्टर बैद्यनाथ वासनिक (उपाध्यक्ष डी.डब्ल्यू.एस.एम.), कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (सचिव डी.डब्ल्यू.एस.एम.) सहित अन्य सदस्य, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं जल जीवन मिशन के ठेकेदार उपस्थित रहे।

बैठक में जल जीवन मिशन से संबंधित ग्रामों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 454 ग्राम एवं जल निगम मर्यादित को 450 ग्राम आवंटित किए गए हैं। इन योजनाओं के तहत 168570 घरों में नल-जल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, जिसके विरुद्ध अब तक 107422 घरों को नल-जल योजना से लाभान्वित किया जा चुका है।

कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने शेष घरों में शीघ्र नल कनेक्शन उपलब्ध कराकर जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल निगम मर्यादित की कार्य प्रगति धीमी होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए महाप्रबंधक को सप्ताह में तीन दिन डिंडोरी में रहने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने जल जीवन मिशन से छूटे बसाहटों को धरती आबा योजना के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ने, पूर्ण योजनाओं को हस्तांतरित करने से पूर्व जनपद पंचायत के CEO से अनुमोदन कराने एवं “हर घर जल” की जानकारी समयपूर्व देने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था के लिए हैंडपंपों की त्वरित मरम्मत हेतु कार्य योजना तैयार करने और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई। सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कर नल जल योजना को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्रामों की योजनाएं विद्युत समस्या के कारण बाधित हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त किया जाए तथा पूर्ण योजनाओं को यदि किसी कारणवश बंद किया गया है तो उनका स्थल निरीक्षण कर सुधार कर चालू किया जाए।

बैठक के अंत में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि समय सीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले ठेकेदारों पर अनुबंध अनुसार कार्रवाई की जाएगी, उनके अनुबंध निरस्त कर काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाला जाएगा।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान PHE एवं जल जीवन मिशन के प्रबंधक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल मिशन की योजना से कोई भी बस्ती घर बसाहट छुटने नहीं चाहिए, बार-बार निर्देश देने के बावजूद यदि आपके द्वारा लापरवाही की जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जब किसी ग्राम में नल जल योजना का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद सरपंच सचिव एवं जन प्रतिनिधिनि के साथ समन्वय एवं उनका सहयोग लेकर छूटे हुए घरों को योजना से जोड़कर लोगों को लाभ दिलाया जाए। ताकि आने वाले समय में जिले के किसी भी परिवार को पानी की समस्या ना आ सके।

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