बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, जिले में रेत का खेल बड़े पैमाने पर खेले जाने की तैयारियों शुरू हो चुकी है। बरसात कम होते ही मैदान में रेत के वैध और अवैध दोनों खिलाड़ियों की सक्रियता दिखाई देने लगी है। जिनका एक ही उद्वेश्य है अधिक से अधिक पैसा कमाना जो शासन के द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए संभव नहीं है। ऐसे में रेत के इस बड़े खेल के खिलाड़ी अपनी अपनी बिसात बिछाने में जुट चुके है। सूत्र बताते है कि इसी क्रम में तमाम जिम्मेदार लोगों को दीवाली की खैरात बाटी जा चुकी है।
गौरतलब है कि मुख्यरूप से जिले में रेत का कारोबार अमरपुर विकासखंड के कमको मोहनिया और दिवारी की शासन द्वारा नीलम की गई रेत खदानों से होता है जिसकी लीज मै. गुरमीत सिंह बेदी के नाम पर है।
सूत्रों के अनुसार शासन के प्रतिबंध के बावजूद भी इन रेत खदानों में मशीनों का प्रयोग किया जाता है और पर्यावरण को होने वाले नुकसान की अनदेखी कर मनमाने तरीके से रेत का उत्खनन किया जाता है। जिसको लेकर खनिज विभाग को प्रायः निष्क्रिय देखा गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार रेत खदान पर शासन के नियम कानून नहीं चलते यहां सिर्फ ठेकेदार की मर्जी चलती है। पूर्व में रेत खदान के संचालन पर कई आरोप लगते रहे है।
ग्राम पंचायत कमको मोहनिया में पेसा एक्ट और पंचायत राज अधिनियम की अवहेलना कर खदान का संचालन किए जाने के आरोप लगते रहे है। पूर्व में बिना ग्राम सभा का आयोजन किए पंचायत से जबरन प्रस्ताव मांगे जाने और जनपद पंचायत सीईओ पर इसके लिए पंचायत पर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए गए थे।
रेट ठेकेदार पर स्थानीय समाजसेवी नियमों के उनलंघन का आरोप लगाते रहे है। रेत खनन नीति 2020 के अनुसार रेत खनन और परिवहन की समय सीमा सुबह 7 से शाम 6 तक निर्धारित है। लेकिन इन खदानों से रात्रि में भी परिवहन किया जाता है। इसी तरह
रात में भारी वाहनों जैसे 10-12-16 चक्का ट्रकों द्वारा लोडिंग व भंडारण किया जाता है। क्षमता से अधिक वजन के वाहनों से क्षेत्र की सड़के प्रभावित होती है जिससे आसपास के ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित होता है।
खनन कंपनी द्वारा सीएसआर अंतर्गत 7200 पौधारोपण का दावा किया जा जाता रहा है लेकिन पंचायत क्षेत्र में यह भी दिखाई नहीं देता।
रेत खदान संचालक मंडल जिले की द्वारा मैनपुरी और पिपरी रैयत, से रेत निकाल कर रॉयल्टी जिले की दिवारी और कमको मोहनियां खदान की रॉयल्टी काटे जाने, खनन मात्रा और आवंटित खनन क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्रफल में अवैध खनन किए जाने के आरोप भी रेत ठेकेदार पर लगाए जाते रहे है।
जिले में रेत ठेकेदार पर खनन और परिवहन में शासकीय नियमों की अनदेखी किए जाने और मनमाने तरीके से कारोबार करने के आरोप, क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों द्वारा भी लगाए जाते रहे है। तमाम आरोपों के बाद भी खनिज विभाग के द्वारा कभी कोई कार्यवाही नहीं की गई।
नवागत जिला कलेक्टर की कार्यप्रणाली से आमजन को अपेक्षा है कि अब जिले की रेत खदानों पर ठेकेदारों की मनमानी नहीं चलेगी जिससे पर्यावरण और आमलोगों को होने वाले नुकसान और समस्याओं को रोका जा सकेगा। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवीयो की जिला कलेक्टर से अपेक्षा है कि खनिज विभाग और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को रेत खदान का सतत् निरीक्षण किए जाने हेतु निर्देशित किया जाना चाहिए़ ताकि रेत का खनन और परिवहन शासन और प्रशासन के नियम और निर्देशों के अनुसार ही हो और नदियों, पर्यावरण और समाज को किसी तरह का नुकसान न होने पाए।


