परियोजना अधिकारी मनरेगा के कारनामे उजागर, डाटा मैनेजर ने की शिकायत
बैगाचक एक्सप्रेस, डिंडोरी, प्रदीप कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत डिण्डौरी द्वारा शासकीय गोपनीय दस्तावेजों की गोपनीयता भंग करने एवं मीडिया में वायरल करने के संबंध में प्रवीण गुप्ता वरिष्ठ डाटा मैनेजर जिला पंचायत द्वारा जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से लिखित शिकायत की गई है।
डाटा मैनेजर द्वारा की गई लिखित शिकायत में कहा गया है की जिला पंचायत डिण्डौरी में पदस्थ प्रदीप कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी मनरेगा द्वारा कार्यालयीन गोपनीय दस्तावेजों को बाहरी व्यक्तियों तक पहुंचाकर शासकीय गोपनीयता को भंग किया है।

दिनांक 26/09/2025 को प्रातः 10:43 बजे कार्यालय कक्ष क्रमांक 10 में कार्यालीन कर्तव्य के दौरान, सीसीटीवी फुटेज एवं पैन ड्राइव डेटा के अनुसार, यह स्पष्ट प्रमाणित हुआ कि शुक्ला ने प्रवीण कुमार गुप्ता के गोपनीय स्थापना सम्बन्धी दस्तावेजों की प्रतियां अपने निजी मोबाइल उपकरण से लेकर उन्हें तत्काल मीडिया प्रतिनिधियों को प्रेषित किया। उक्त प्रकरण की रिकॉर्डिंग CCTV कैमरा क्र 1 में समय 10:43 से 11:00 बजे तक उपलब्ध है। इसके उपरांत, दिनांक 27/09/2025 कुछ समाचार पत्र में “जिपं में होता है फर्जी वेंडर और जॉब कार्ड को डिलीट करने का काम” शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। जो प्रत्यक्ष रूप से उक्त दस्तावेज़ों के मीडिया तक पहुँचने के बाद ही संभव हुआ। इस समाचार में स्पष्ट रूप से शुक्ला द्वारा बरिष्ठ डेटा मैनेजर प्रवीण कुमार गुप्ता पर दबाव बनाकर भ्रामक तथ्यों को प्रस्तुत करने का उल्लेख किया गया है।
यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदीप शुक्ला पूर्व से ही दिनांक 03/12/2024 से लगातार ऐसे ही कार्यों में संलिप्त पाए जा रहे हैं। प्रवीण कुमार गुप्ता से सम्बंधित दस्तावेज मीडिया को उपलब्ध करते रहे है। जिससे कई समाचार पत्र में निरंतर वेंडर सम्बन्धी खबर प्रकाशित हुई है। इनके उक्त कृत्य के कारण मेरी छवि धूमिल हुई है। निरंतर 03/12/24 में इनके द्वारा मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
प्रदीप कुमार शुक्ला ने शासकीय दस्तावेजों को मीडिया एवं अन्य बाहरी व्यक्तियों तक बायरल कराया। इस प्रकार की गतिविधिया विभागीय अनुशासनहीनता का घोर उदाहरण हैं तथा इससे शासन की छवि एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अपने आवेदन में वरिष्ठ डाटा मैनेजर प्रवीण गुप्ता ने इस प्रकरण की तत्काल विभागीय/न्यायिक जांच कराने, जाँच अवधि में प्रदीप कुमार शुक्ला को विभागीय कार्यों में विरक्त कर जाँच करवाने का निवेदन किया है। जिसमे इनके द्वारा जाँच को प्रभावित नहीं किया जा सके।
दोष सिद्ध पाए जाने पर प्रदीप कुमार शुक्ला के विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही कराने का कष्ट करे। साथ ही भारतीय दण्ड संहिता की उपयुक्त धाराओं के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही कराने का कष्ट करे। ताकि भविष्य में शासकीय कार्यालयों की गोपनीयता सुनिश्चित किया जा सके।
गौरतलब है कि जिला पंचायत में पदस्त परियोजना अधिकारी आपसी खींचातानी के चलते विकास योजनाओं पर कम ध्यान दे रहे है जिसका असर जिले के विकास पर पड़ रहा है। एक दूसरे पर लग रहे इन आरोपों की विस्तृत जांच करवा कर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए।
मनरेगा अधिकारी की और भी है शिकायतें, खुलासा जल्दी…..

