खबरों से बौखलाए BEO पर पत्रकार को धमकाने के आरोप, कलेक्टर से की शिकायत

एक करोड़ की मानहानि करने की दी गई धमकी

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, बजाग विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री तीरथ परस्ते पर स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि उन्होंने विभाग की गड़बड़ियां उजागर करने पर उन्हें धमकाया है कि वे उन पर एक करोड़ रुपए की मानहानि का दावा करेंगे। प्रभावित पत्रकारों ने जिला कलेक्टर को जनसुनवाई में आवेदन देते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई गड़बड़ियों की जांच कराए जाने अपना आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें कई बड़े मामलों का खुलासा किया गया है।

लिखित आवेदन में पत्रकारों द्वारा BEO बजाग की कई गड़बड़ियां उजागर की है जो इस प्रकार है -सीता परस्ते प्राथमिक शिक्षक के सीनियर बालिका छात्रावास में हॉस्टल अधीक्षिका रहते हुए छात्रावास में रह रही बालिकाओं का लिपाई पुताई का वीडियो वायरल होने व खबरें अनेक समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद जाँच अपूर्ण रहने तथा जांच सीता परस्ते के पति के द्वारा ही कराए जाने और मामला गोलमोल करने के आरोप हैं।

पिछले दो वर्षों में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मनमानी की गई। शासकीय शिक्षकों के परिजनों को उसी विद्यालय में नियमों के विरुद्ध अतिथि शिक्षक नियुक्त किया गया। इनमें मुख्य रूप से श्रृद्धा सोनी माध्यमिक शाला विक्रमपुर, कमल गायगवाल उत्कृष्ट स्कूल बजाग, प्राथमिक शाला लमानटोला, माध्यमिक शाला दुललोपुर, उत्कृष्ट विद्यालय बजाग और अन्य स्थानों पर भी नियुक्ति में मनमानी बरते जाने के आरोप लगे हैं।

इस वर्ष अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जुलाई, अगस्त और सितम्बर‌ माह‌ में अलग अलग विद्यालय में अलग अलग शिक्षकों की हुई पर अधिकतर अतिथि शिक्षकों का मानदेय जुलाई माह से जारी कर दिया गया। जिसमें संकुल केन्द्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांडा और संकुल केन्द्र शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बजाग, संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर कन्या शाला बजाग, तथा संकुल केंद्र शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बजाग अंतर्गत अनेक विद्यालय के अनेक अतिथि शिक्षकों की तन्ख्वाह जुलाई माह से निकली है।

विकास खंड बजाग बीईओ के द्वारा दो चैक के पेमेंट किए गए जिसमें कोई निविदा आमंत्रण किये बिना दूसरे जिले से खरीदीं की गई जो कि वित्तीय अनियमितता और नियमविरुद्ध किए जाने की जांच की जाने की मांग की गई है। जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा पत्र लिखा गया जिसमें आज तक जाँच नहीं हुई। पत्र कि प्रति और चैक की प्रति भी संलग्न किए गए हैं।

बीईओ ने पत्नी सीता परस्ते प्राथमिक शिक्षक को कन्या शिक्षा परिसर का अधीक्षिका बना दिया गया। जबकि बाद में आदेश निरस्त होने के बाद भी हास्टल अधीक्षिका और उनके पति कन्या शिक्षा परिसर में डेरा जमाए हुए हैं। जिसकी जांच की मांग की गई है।

इनके द्वारा अनेक विद्यालय में पिछले दो सालों में वर्ष 2024-25, 2025-26 में आवश्यकता से अधिक अतिथि शिक्षक रखकर निजी स्वार्थ के चलते सरकारी खजाने को क्षति पहुंचाई जा रही है। जिसमें शासकीय हाईस्कूल जल्दा बौना, शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलाईखार, शासकीय माध्यमिक शाला खपरीपानी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांडा, शासकीय माध्यमिक शाला मिढली , प्राथमिक शाला भुरसी में निधि सोनी प्राथमिक शिक्षिका को 7 साल के बच्चे के रेखदेख के लिए विगत 6 माह से लगातार सीसीएल अवकाश दिया जा रहा है। आखिर नियमों को ध्यान में ना रखकर छुट्टी दी क्यों दी गई, जांच की जाए।

इसके अलावा प्राथमिक शाला अमोरीटोला में महज 11 बच्चों के बदले तीन शिक्षक वचन मरावी, यशोदा, और अतिथि शिक्षक संतोष परस्ते को रखा गया जो कि नियम विरुद्ध है जांच कर कार्यवाही की जावे।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा नियमों को ध्यान ना देते हुए भिंड मुरैना के शिक्षक बुलाकर बिना निविदा आमंत्रण के माध्यमिक शाला बौना में रखा गया है। जबकि क्षेत्र में बहुत सारे आदिवासी पढ़ें लिखे शिक्षक बेरोजगार घूमने के आरोप लगे हैं।

पत्रकारों ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर ध्यानाकर्षित करते हुए जांच करते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी तीरथ परस्ते को हटाया जाए तथा योग्य शिक्षक को बीईओ बनाया जाए जिससे इस तरह के भ्रष्ट अधिकारी से निजात मिल सके और क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था में सुधार कराने की मांग पत्रकारों ने जिला कलेक्टर से की है।

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