कागजी खानापूर्ति के बीच पीड़ित लाभ से वंचित
एक साल से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लंबित

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडौरी, 6 अक्टूबर 2025, सरकारी सिस्टम की लापरवाही और प्रावधानों की जानकारी के अभाव में पीड़ित पक्षों को जिले में हिट एंड रन के मामलों में मुआवजा की योजना लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक जिले में अज्ञात वाहनों की टक्कर से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।जबकि 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुये हैं। लेकिन इनमें से किसी को भी अभी तक योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध नहीं हो पाई है।जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक हिट एंड रन मामलों में पीड़ित पक्ष को दो माह के अंदर सहायता राशि मुहैया कराना अनिवार्य है। बाबजूद इसके जिले में अभी तक इसमें अमल नहीं हो पा रहा है। इसका एक कारण पिछले एक साल से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नहीं होना भी है।
गौरतलब है कि पूर्व में योजना के तहत हिट एंड रन मामले में घायल होने पर 12 हजार 500 तथा मौत होने पर पच्चीस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी। लेकिन वर्ष 2022 में सरकार ने मुआवजे की रकम में इजाफा करते हुये घायल को 50 हजार तथा मृतक आश्रित को दो लाख रुपये सहायता राशि का प्रावधान कर दिया है। इसके तहत पीड़ित अथवा उसके परिजनों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज करने का नियम है।

जिले में 16 मौतें, शहपुरा में 4 मौतें
जिले में वाहनों से टक्कर मारकर भागने वाले मामले में लगातार बढोत्तरी हो रही है। आंकडों पर गौर करें तो मार्च 2023 से जून 2025 के बीच 16 हिट एंड रन के केस दर्ज किये गये हैं। जिनमें 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि 11 गंभीर रूप से घायल हुये हैं। आंकडों के मुताबिक मार्च 2024 में 03, अप्रैल 2024 में 01, मई 2024 में 01, अक्टूबर 2024 में 01, नवम्बर 2024 में 01, दिसम्बर 2024 में 01, तीन मार्च 2025 से एक मई 2025 में 01, जून 2025 में 04, हिट एंड रन से जुडे हादसे हुये हैं। इनके शहपुरा थाना अंतर्गत 04, गाडासरई और डिंडौरी कोतवाली अंतर्गत 03-03, एवं बजाग शाहपुर और करंजिया थाना में 02-02 प्रकरण दर्ज हैं।
सहायता राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया
हिट एंड रन केस के प्रावधानों के मुताबिक सड़क हादसे की तिथि से 30 दिन तक टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की खोजबीन की जाती है। लेकिन अज्ञात वाहन की पतासाजी नहीं होने की दशा में पुलिस मुआवजा प्रकरण को संबंधित तहसीलदार को प्रेषित करती है। जिसके बाद तहसीलदार द्वारा पटवारी से मौका पंचनामा तैयार करवाया जाता है। जिसको एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर न्यायालय को प्रेषित किया है। जहां से मुआवजा राशि हेतु प्रकरण संबंधित बीमा कंपनी को भेजे जाने का प्रावधान है। योजना के तहत मृतक के आश्रित को 2 लाख एवं गंभीर घायल को 50 हजार की राशि उपलब्ध कराई जाती है। इस बावद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश है, कि प्रभावित पक्ष को दो माह के अंदर मुआवजा प्रदान करना आवश्यक है, लेकिन जिले में 2023 से वर्तमान तक किसी भी प्रकरण पर मुआवजा राशि जारी नहीं की गई है। सरकार की इस योजना का लाभ गरीब जिले के पीड़ित व्यक्तियों को मिलने से उनको भविष्य के लिया बड़ी सहायता मिल सकती है, दुर्घटना का शिकार घायल व्यक्ति का उचित उपचार हो सकता मृतक के परिजनों को इस योजना से भविष्य में आर्थिक समस्या से बहुत हद तक निजाद मिल सकती है।

साल भर से सडक सुरक्षा की बैठक नहीं
हिट एंड रन केस में प्रभावित पक्ष को मुआवजा राशि उपलब्ध होने में देरी का प्रमुख कारण पिछले एक साल से सडक सुरक्षा समिति की बैठक आहुत नहीं होना भी है। कलेक्टर की अध्यक्षता वाली इस समिति में पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य नगर परिषद अधिकारी, रोड ऐजेंसी और यातायात पुलिस की मौजूदगी में चर्चा की जाती है और प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। लेकिन पिछले साल से उक्त बैठक नहीं होने से पीडित पक्ष मुआवजा से वंचित है।
इनका कहना
“यह गंभीर विषय है। हिट एंड रन केस का अवलोकन निरंतर किया जावेगा। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आहूत की जावेगी।”
अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर डिंडोरी


