बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 1 अक्टूबर 2025, जिले भर में दुर्गात्सव की धूम है हर जगह धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे है लोग भक्ति और श्रद्धा मेें लीन है। वही जिला मुख्यालय में अलग अलग दुर्गा पंडालों में भव्य आयोजन किए जा रहे है।
खनूजा कॉलोनी दुर्गात्सव समिति मातृशक्ति और एकजुटता का प्रतीक

खनूजा कॉलोनी के निर्माण के साथ ही वर्ष 2000 से खनूजा कॉलोनी में दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। 25 वर्षों से आयोजित हो रहे इस उत्सव की जिम्मेदारी अब बुजुर्गों के मार्गदर्शन में दूसरी पीढ़ी सम्हाल रही है। खनूजा कॉलोनी दुर्गा उत्सव समिति की विशेषता यह है कि यहां दुर्गा पंडाल में कालोनी के सभी रहवासी सपरिवार शामिल होते है। शहर का यह एकमात्र पंडाल है जिसमें महिलाओं और बच्चों की पूरी तरह उपस्थिति रहती है, प्रतिदिन किसी न किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, भजन का आयोजन मातृ शक्ति द्वारा किया जाता है।

खनूजा कॉलोनी मुख्यत: उन नौकरी पेशा लोगों की कॉलोनी है जो मूलरूप से नगर के निवासी नहीं थे और यहां शासकीय सेवा के दौरान उन्होंने अपने आशिया बनाए है। नगर के हृदय स्थल में स्थित इस कॉलोनी में बड़ी संख्या में नौकरी पेशा और सेवा निवृत शासकीय सेवक निवास करते है। जो कि अलग अलग क्षेत्रों और वर्गों से है और अब इस कॉलोनी के स्थाई निवासी हो गए है। यही इस कॉलोनी और यहां के दुर्गात्सव की विशेषता है कि सभी वर्ग के परिवार एकजुटता के साथ आयोजन में शामिल होते है। समिति के संस्थापक बुजुर्गों के मार्गदर्शन और देखरेख में दुर्गा उत्सव का भव्य आयोजन सभी की सुविधा से किया जाता है। सभी कालोनी वासी परिवार सहित प्रतिदिन आरती, सांस्कृतिक आयोजनों, हवन, भंडारे से लेकर मूर्ति विसर्जन तक हर्ष व उल्लास के साथ शामिल होते है। जो सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक, सामाजिक आयोजन में मातृ शक्ति की मजबूत हिस्सेदारी का प्रतीक है।
हवन और भंडारे का आयोजन

खनूजा कॉलोनी दुर्गौत्सव समिति में प्रतिमा स्थापना के उपरांत, महाआरती, गरबा, भजनों के आयोजन के बाद आज बुधवार को हवन और भंडारे का आयोजन है। आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को शाम 7 बजे प्रतिमा विसर्जन हेतु चल समारोह नगर के मुख्यमार्ग से नर्मदा घाट की ओर प्रस्थान करेगा। जिसमें सभी कॉलोनीवासी शामिल रहेंगे।
आयोजकों की महत्वपूर्ण भूमिका

खनूजा कॉलोनी दुर्गा उत्सव समिति द्वारा 25 वर्ष पूर्व दुर्गा उत्सव की शुरुआत की गई थी। इस लंबे समय में समिति के कई संस्थापक सदस्य अब नहीं है किंतु उनके प्रयास, एकजुटता और आदर्श को समिति द्वारा अब भी बनाए रखा गया है। पिछले वर्षों से समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के संचालन में श्री सतीश यादव जी (सेवा निवृत) के मार्गदर्शन में प्रवीण पटेल, संदीप तिवारी, पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, सुरेन्द्र राजपूत, ऋषि पांडे के साथ हर्षप्रीत सिंग सैनी, रुद्र राजपूत, कृष यादव, कान्हा श्रीवास, वंश वनवासी, अर्थव विश्वकर्मा, वेद तिवारी आदि की महत्वपूर्ण भूमिका है जिनके द्वारा सफलतापूर्वक आयोजन को सम्पन्न किया जा रहा है और इस सफल आयोजन में सभी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।



