बिजली बिल की राशि हड़पने के मामले में सचिव और रोजगार सहायक को SDM ने जारी किया नोटिस

सारंगपुर सचिव और सरपंच पर लगे है आरोप

सरपंच के बजाय रोजगार सहायक को नोटिस पर सवाल

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 30 सितंबर 2025, बिजली बिल का भुगतान दिखाकर शासकीय राशि में हेरफेर करने के मामले में ग्राम पंचायत सारंगपुर के सचिव घनश्याम परस्ते और रोजगार सहायक जलसू मरावी को कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी द्वारा नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। उक्त मामले में पंचायत के सरपंच, सचिव ने पंचायत दर्पण पोर्टल में बिजली बिल भुगतान प्रदर्शित कर पंचायत के खाते की राशि अपने ही संपर्क के व्यक्ति के निजी खाते में अंतरण करवा दी थी तथा उससे नगद राशि लेकर अपने निजी उपयोग में लेने की जानकारी सामने आई थी। मामले की शिकायत SDM बजाग को की गई। जिसके बाद सचिव घनश्याम परस्ते और रोजगार सहायक जलसू मरावी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिवस में जवाब मांगा गया है।जिसमें कहा गया है कि शिकायत के अनुसार आपके द्वारा पंचायत दर्पण पोर्टल में बिल लगाकर राशि 1,19,774 रूपये दिनांक 6 मई 2025 को ग्राम के ही ऑनलाइन संचालक रामकुमार के खाते में अंतरित करना दिखाया गया है। जो कि भुगतान करने के पश्चात उक्त राशि को आपके द्वारा नगद ले लिया गया है और उक्त राशि बिजली विभाग के खाते में जमा नहीं हुई है।

बिजली बिल का भुगतान एम पी ई बी के खाते में किया जाना था जो कि किसी व्यक्ति के निजी खाते में डाला जाना आपत्तिजनक है। ग्राम में वाटर सप्लाई का बिजली बिल जमा करने के नाम पर राशि का अंतरण कर दिया गया । जबकि बिजली विभाग के पोर्टल में वाटर सप्लाई का बिल भुगतान लगातार “कार्पोरेट अकाउंट” से जमा होना दर्शाया जा रहा है।नोटिस में कहा गया है कि आप लोगों के द्वारा शासकीय राशि का आहरण कर गलत तरीके से अपने व्यक्तिगत लाभ में उपयोग किया जाना शिकायत में दर्शित है। नोटिस प्राप्ति के दो दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष अपना जवाब दस्तावेज सहित प्रस्तुत करे। समाधान कारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की दशा में आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी।

सरपंच के बजाय रोजगार सहायक को नोटिस पर सवाल

गौरतलब है कि उक्त मामले में सरपंच और सचिव पर पंचायत की राशि में हेरफेर करने के आरोप लग रहे है। पंचायत के भुगतान में सचिव और सरपंच के हस्ताक्षर होते है, जिनमें रोजगार सहायक की भूमिका नहीं होती। इस मामले में भी ऐसा ही किए जाने की संभावना है। किंतु जारी कारण बताओ नोटिस में सरपंच का उल्लेख नहीं है वही इसमें रोजगार सहायक जो कि मनरेगा के कार्यों से संबंधित है उसका नाम शामिल है। नोटिस में सरपंच का नाम शामिल नहीं होने से कई तरह की चर्चाएं व्याप्त है।

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