लाइट सुधार में 14 घंटे JCB मशीन चली और 72 ट्रिप मुरम लगी
ग्राम पंचायत सेनगुड़ा का कारनामा
बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 30 सितंबर 2025, जिले में ग्राम पंचायतें भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। जनपद और जिला पंचायत के लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों के संरक्षण के चलते ग्राम पंचायतों द्वारा सरेआम आंखों में धूल झोंक कर बेरोकटोक सरकारी धन की लूट की जा रही है।

ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत सेनगुड़ा का है। जहां मनमाने भ्रष्टाचार की सीमा लांघते हुए पंचायत के जिम्मेदारों ने ₹45010 का भुगतान LED लाइटों की मरम्मत कार्य पर किया, जिसकी जानकारी बाकायदा पंचायत दर्पण में लगी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सेनगुड़ा द्वारा 12 दिसंबर 2023 को पंचायत में खरीदी गई LED लाइट्स का भुगतान 82000 रूपये किया गया था। जिनकी मरम्मत के नाम पर अब ग्राम पंचायत 45010 रुपए का खर्च दर्शा रही है। जिसका बिल 27 सितंबर 2025 को संलग्न किया गया है। जबकि वास्तव में गांव में लगी सभी लाइटें बंद पड़ी है, जिसकी शिकायत ग्रामवासियों द्वारा भी की जा रही है। पहला मुद्दा तो यह है कि लाइट की कीमत से आधी रकम उनकी मरम्मत पर खर्च की गई है। दूसरा ग्राम पंचायत उक्त राशि का भुगतान करने जा रही है जबकि वास्तव में गांव में लगी लाइटें बंद पड़ी हुई है। जिसकी पुष्टि ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। अब ग्राम पंचायत का बड़ा कारनामा जो पंचायत दर्पण में संलग्न बिल से उजागर होता है वह ये है कि इस कार्य के एवज में जो भुगतान किया गया है, वहां ग्राम बुंदेला की एक फर्म लक्ष्य ट्रेडर्स का इस राशि का बिल संलग्न है। जिसके विवरण में JCB मशीन 14 घंटे चलाए जाने और 62 ट्रीप मुरम दर्शाया गया है। जिससे यही समझ आता है कि LED लाइट की मरम्मत में 14 घंटे जेसीबी मशीन चली और 62 ट्रीप मुरम का उपयोग किया गया है जो बहुत ही चौंकाने वाला है। यह जांच का विषय है कि इतनी बड़ी रकम मरम्मत कार्य के नाम पर पंचायत द्वारा फर्जी बिल के माध्यम से हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित फर्म की भी जांच कराकर फर्जीवाड़े में शामिल होने की FIR दर्ज कराई जानी चाहिए। जैसा निर्णय जिला कलेक्टर द्वारा शहपुरा नगर परिषद में हुई गड़बड़ी के मामले में ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।

सचिव और सरपंच एक दूसरे पर डाल रहे है जिम्मेदारी
उक्त मामले में हमारे प्रतिनिधि ने सचिव और सरपंच से उनका पक्ष जानना चाहा जिस पर सचिव शंकर सिंह मार्को कोई भी जानकारी देने के बजाय इसकी जानकारी सरपंच से लेने कहते है। सरपंच का इस मामले में कहना है कि उनके द्वारा पंचायत निधि कर से प्राप्त राशि को गांव में मुरम डलवाने के लिए किया गया है। लाइट मरम्मत और रख रखाव पर कोई राशि खर्च नहीं की है। जबकि पंचायत दर्पण में जो विवरण दर्ज है वह LED लाइट की मरम्मत पर पंचायत निधि कर से प्राप्त राशि का व्यय किया जाना दर्शा रहा है। सोमवार की शाम तक उक्त फर्म के बिल का भुगतान नहीं हुआ था किंतु सरपंच सचिव से इस संदिग्ध मामले की चर्चा होने के बाद भी आज इस राशि का भुगतान लक्ष्य ट्रेडर्स को ही गया है। LED लाइट की मरम्मत और रखरखाव में जेसीबी मशीन और मुरम का भुगतान किया जाना बहुत बड़ी गड़बड़ी हैं जिसके प्रमाण पंचायत दर्पण पर ऑनलाइन दिखाई दे रहे है तब भी सरंपंच सचिव मामले को दबाने का प्रयास कर रहे है।

नवागत जिला पंचायत और जनपद CEO के लिए बड़ी चुनौती
उक्त मामले में जनपद पंचायत करंजिया के नवागत CEO से चर्चा की गई किंतु उन्होंने जरूरी बैठक में होने और बाद में चर्चा करने को कहा। भ्रष्टाचार में डूबी करंजिया जनपद की ग्राम पंचायतों पर कार्यवाही और सुधार नवागत करंजिया जनपद सीईओ और नवागत जिला पंचायत सीईओ के लिए बड़ी चुनौती है। आने वाले समय में इस तरह खुलेआम भ्रष्टाचार के मामलों पर नवागत अधिकारी कितनी कड़ी कार्यवाही करते है यह देखना होगा।
सचिव के गुपचुप कारनामे ……
सचिव शंकर सिंह मार्को जो कि ग्राम पंचायत सेनगुड़ा के साथ ही ग्राम पंचायत बरबसपुर सचिव के प्रभार में भी है। इनकी कार्यप्रणाली विचित्र है किसी भी विषय, कार्य और भुगतान को लेकर उनके द्वारा स्पष्ट जानकारी देने के बजाय, सरपंच से जानकारी लेने कह दिया जाता है। जबकि भुगतान और निर्माण कार्यों के प्रति सचिव पूरी तरह से जवाबदेह हैं। इनके द्वारा ग्राम पंचायत बरबसपुर में भी इसी तरह से वर्षों से बंद पड़े निर्माण कार्य की राशि से बिलों का भुगतान किया गया है जिसका खुलासा जल्दी ही किया जाएगा।


