छपरी, अमरपुर का जीर्णशीर्ण माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला भवन

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 26 सितंबर 2025, अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में शैक्षणिक व्यवस्थाएं पूरी तरह से जर्जर दिखाई देती है विकास खंड शिक्षा अधिकारी पर एक ही व्यक्ति पिछले कई सालों से जमे हुए है तब भी उन्हें अपने क्षेत्र की जर्जर शाला भवनों की जानकारी नहीं है शायद, जिसके चलते बच्चे खतरे का सामना करते हुए इन भवनों में पढ़ने को मजबूर है। कहीं भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर तो कहीं पर शिक्षकों की कमी बनी हुई हैं। जो कि हमेशा खबरों की सुर्खियां बनी रहती हैं। इसके बाद भी अमरपुर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद खुलने का नाम ही नहीं ले रही। लोगों की माने तो विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की न तो वर्षों से मरम्मत हुई है न ही रंगाई पुताई की जाती है। जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी इन सब अव्यवस्थाओं पर कोई कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए यह आश्चर्य का विषय है।

जनपद शिक्षा केंद्र अमरपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम छपरी में संचालित माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला के भवन जीर्ण शीर्ण हो चुके हैं। भवन के ऊपर छत में पन्नी लगाकर पानी रिसाव रोकने की तकनीक से सीधे बरसात का पानी कमरों में घुसने से रोकने का प्रयास किया जाता हैं। पानी टपकना बंद नहीं हो पा रहा हैं। इसके साथ ही छत का प्लास्टर गिरने के डर से नीचे भी पन्नी लगाकर छात्रों की सुरक्षा का प्रयास जारी हैं। शिक्षकों का मानना हैं कि प्लास्टर गिरेगा तो पन्नी में रुकेगा तब तक छात्र बाहर निकाले जा सकते हैं। इस प्रकार शाला में पदस्थ शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। वहीं छात्र अपने जान जोखिम में डालकर भविष्य संवारने पर मजबूर हो रहे हैं।
एकीकृत माध्यमिक शाला में 150 से अधिक छात्र अध्यनरत हैं। इस गांव के निवासी और बच्चों का रुझान शिक्षा के प्रति हैं। परंतु स्थानीय प्रशासन की अनदेखी और शिक्षा विभाग के अधिकारी के नकारात्मक रवैया से ग्रामीण त्रस्त हैं। ग्रामीणों के साथ शिक्षकों ने बताया कि इस भवन की दुर्दशा की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी जा चुकी हैं।
ज्ञातव्य हो कि माध्यमिक शाला देवरी में छत की प्लास्टर गिरने से चार छात्राएं चोटिल हुई थी। शायद शासन प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार हैं, इससे पहले शाला भवनों की स्थिति में सुधार की कोई आशा ग्रामीणों को नहीं है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और उनके अभिभावक शिक्षा विभाग के आगे अपना मुंह भी नहीं खोल सकते है। इस तरह के मामले सिर्फ विभाग की लापरवाही के नहीं है बल्कि इन कमजोर और जर्जर भवनों का नाता शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की मजबूत जड़ों का है जिसे न तो आमजनता उखाड़ पा रही है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि। प्रशासन और शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों के साथ जिले में शिक्षा के जर्जर इन भवनों के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी बहुत कुछ जिम्मेदार है।
देव सिंह भारती की रिपोर्ट

