ग्राम पंचायत बहारपुर में नहीं हुई मंगलवार को जनसुनवाई, कलेक्टर के आदेश की अव्हेलना

सचिव, रोजगार सहायक, पटवारी रहे नदारत

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 24 सितम्बर 2025, जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के द्वारा जनसुनवाई सुबह 10:00 से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की जाती है।जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य जन की समस्याओं का निराकरण है। लेकिन देखा जा रहा है कि एक ओर जहां जिला प्रशासन के द्वारा निरंतर प्रत्येक मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में सुनवाई करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण करने एवं उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है वही डिंडोरी कलेक्टर नेहा मारव्या के द्वारा जिले के समस्त विकासखंडों के अधीनस्थ ग्राम पंचायत में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय की तर्ज पर ग्राम पंचायत में जनसुनवाई प्रत्येक मंगलवार को करने के निर्देश जारी किए गए थे। जिसमें ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, रोजगार सहायक सहित अन्य जिम्मेदारों की मौजूदगी निर्धारित की गई थी। पर कलेक्टर डिंडोरी की मनसा को चरितार्थ उनका ही अमला करता नजर नहीं आ रहा है। जिले की कुछ पंचायत की बात की जाए तो प्रत्येक मंगलवार को पंचायत में आयोजित होने वाली जनसुनवाई का गंभीरतापूर्वक परिपालन नहीं किया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों की छोटी एवं बड़ी समस्याएं अधर में पड़ी हुई है तो वही ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त नहीं हो पा रहा है।

मामला करंजिया जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बहारपुर का है। यहां पंचायत में पदस्थ सचिव, रोजगार सहायक सहित अन्य के द्वारा 23.9.2025 को जनसुनवाई 12:30 बजे तक नहीं की गई। पंचायत भवन में केवल मोबिलाइजर अपने विभागीय कार्यों को करती हुई नजर आई। जब उनसे ग्राम पंचायत मैं होने वाली जनसुनवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी तक जनसुनवाई शुरू नहीं हुई है। ग्राम पंचायत के सचिव भी नहीं आए हैं एवं रोजगार सहायक का पता नहीं है, पटवारी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। स्पष्ट है डिंडोरी कलेक्टर नेहा मारव्या के द्वारा जारी किए गए निर्देश की किस प्रकार से अवहेलना जिम्मेदार कर रहे हैं। वही ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा कहा गया कि वह अभी जनसुनवाई शुरू करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली जनसुनवाई की जमीनी हकीकत को जानने के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को औचक निरीक्षण करना चाहिए, जिससे पता चल सके की कलेक्टर के आदेश का जिम्मेदारों के द्वारा किस प्रकार से मजाक बनाकर रखा गया है। ऐसे लापरवाह कर्मी एंव कार्य के प्रति गंभीरता न रखने वाले जिम्मेदारों के ऊपर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।जिससे कि अन्य विभाग केअधिकारियों को एक सीख मिल सके साथ ही ग्रामीणजनों को प्रत्येक मंगलवार ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली जनसुनवाई नजर आ सके और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण जनसुनवाई में हो सके।

ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में व्यापक गड़बड़ी की शिकायतें है घटिया और अधूरे कार्यों और अनियमित भुगतानों का विस्तृत खुलासा शीघ्र करेंगे। जिनसे बचने और आमलोगों की शिकायतों और आरोपों को दर्ज नहीं किए जाने के चलते ही कलेक्टर के आदेश के बावजूद भी पंचायत में जनसुनवाई का आयोजन जिम्मेदार लोगों के द्वारा नहीं किया जा रहा है।

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