काबिज वनभूमि अधिकार पत्र के सर्वे में गड़बड़ी पर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने किया विरोध

अधिकारियों और विधायक ने 15 दिन में सुधार का दिया आश्वासन

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 23 सितंबर 2025, मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे पश्चिम करंजिया वन परिक्षेत्र के बीजोंरी वन ग्राम के किसानों ने अपनी जमीन छीने जाने के विरोध में हंगामा किया। किसान नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्टर से मिलने की मांग कर रहे थे वे अपनी मांग को लेकर कलेक्टोरेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि राजस्व और वन विभाग की टीम ने सर्वे के नाम पर उनकी पुश्तैनी वन भूमि में कटौती कर दी है।

एक किसान ने बताया कि उनके गांव में करीब एक हजार की आबादी है, जिसमें से 263 किसानों को वन भूमि का अधिकार पत्र मिला था। “हमारे पूर्वज वर्षों से इन जमीनों पर खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन अब अधिकारी हमारी जमीन कम कर रहे हैं।”

किसान भान सिंह को पहले चार हेक्टेयर जमीन मिलनी थी, लेकिन अब उसे केवल 1.650 हेक्टेयर भूमि ही दी जा रही है। बाकी जमीन वन विभाग वापस ले रहा है। ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि “अगर सरकार इन अधिकारियों का वेतन 50 प्रतिशत कम कर दे तो क्या ये मानेंगे?”

स्थानीय विधायक ओमकार मरकाम, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव और रेंजर अतुल सिंह ने किसानों को समझाइश दी। विधायक की मध्यस्थता में अधिकारियों ने किसानों को 15 दिन में उनके गांव आकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।

विधायक ने उठाया विधानसभा में मुद्दा

किसानों के समर्थन में आए विधायक ओमकार मरकाम ने कहा कि यह सिर्फ उनके क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की समस्या है। उन्होंने बताया कि उन्होंने वन अधिकार अधिनियम को लेकर विधानसभा में भी सवाल उठाया था। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर सब कुछ सही है तो फिर ये किसान क्यों जिला मुख्यालय आकर विरोध कर रहे हैं।

किसानों में आक्रोश

किसानों के साथ आए धनेश्वर पाटले ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन में उनकी जमीन वापस नहीं मिली तो वे कई अन्य गाँवों के किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

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