पांचवां वित्त आयोग की राशि से जबलपुर की फर्म को हुआ भुगतान
सोलर लाइट्स शासन द्वारा प्रतिबंधित है
बैगांचल एक्सप्रेस, डिंडोरी, 21 सितंबर 2025, जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और मनमानी की एक नई तरकीब का खुलासा हुआ है। जिसके चलते जिले की 52 ग्राम पंचायतों द्वारा प्रतिबंधित सोलर लाइट्स लगाने के नाम पर दो करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की 52 ग्राम पंचायतों द्वारा 19/7/2023 से 10/9/2025 तक एक करोड़, छिहासी लाख, चार हजार, नौ सौ, सत्तासी रुपए 1,86,04987 लाख के भुगतान सोलर लाइट्स लगवाने के नाम पर जबलपुर की एक फर्म को किए गए है। इस फर्म का बाकी की कई ग्राम पंचायतों से और भी भुगतान शेष होने की संभावना बताई जा रही है, इस अनुमान के अनुसार जिले में 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सोलर लाइट्स लगवाने में खर्च की गई है। ग्राम पंचायतों में इस तरह की लाइट लगवाने की कोई अनुशंसा या निर्देश न तो शासन स्तर से हुए है न जिला प्रशासन से। पर जिले की 52 ग्राम पंचायतों द्वारा अब तक करोड़ो रुपए के भुगतान इस कार्य के लिए एक ही फर्म को किए जा चुके है। जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मंत्रालय द्वारा ग्राम पंचायतो सहित स्थानीय निकायों एवं सरकारी संस्थाओं में सोलर लाईट खरीदी/लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। क्योंकि शासन के संज्ञान में आया है कि सोलर लाईट बहुत जल्द अनुपयोगी हो जाते हैं, और राशि व्यर्थ हो जाती हैं। जिसके चलते सोलर लाईट/सोलर ट्री,/सोलर स्टड/सोलर हाई मास्ट को प्रदेश के शासकीय संस्थानों में प्रतिबंधित किया गया है । उक्त आदेश की जानकारी ग्राम पंचायतों को न भी हो पर संबंधित फर्म को प्रदेश शासन के उक्त निर्देश की जानकारी अवश्य होगी तभी उक्त फर्म द्वारा मोटे कमीशन की पेशकश कर ग्राम पंचायतों में इन लाइट को लगाने का काम किया गया। उक्त कार्य के संबंध में हमारे द्वारा कई ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव से जानकारी मांगी गई कि क्या कोई आदेश अथवा निर्देश उन्हें अपने उच्च अधिकारियों या उक्त फर्म द्वारा दिया गया है जो इस कार्य की अनुशंसा करता हो, जिस पर किसी भी पंचायत द्वारा ऐसा कोई पत्र, आदेश अथवा निर्देश उपलब्ध नहीं करवाया जा सका।
पंचायतों द्वारा नियम निर्देशों की अनदेखी
उक्त मामले में चर्चा है कि जबलपुर की एक फर्म द्वारा ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों को मोटे कमीशन का लालच देकर अपने जाल में फंसाया गया और बिना किसी नियम निर्देश के मनमाने तरीके से, मनमानी कीमत पर बिना किसी तकनीकी सत्यापन और गुणवत्ता परीक्षण के ऊंचे दामों पर सोलर लाइट बेची गई। पंचायतों द्वारा न तो इस कार्य के लिए कोई टेंडर करवाया गया न कोटेशन मंगाए गए पूरे जिले में जबलपुर की एक ही फर्म वंश सोलर एनर्जी से लाइट्स खरीदी गई। जिले में कई फर्म सोलर लाइट का काम करती है पर किसी भी पंचायत ने स्थानीय व्यापारियों से न तो सामग्री खरीदी गई न ही किसी से पंचायत में लगाई जा रही इन लाइटों की उचित कीमत जानने का प्रयास किया गया। लाखों रुपए की लाइट बिना टेंडर के, तकनीकी अधिकारी के सत्यापन और मूल्यांकन के बिना ही फर्म की भुगतान भी कर दिया गया जो कि अनियमितता के दायरे में आता है।
फर्म ने किया जमकर फर्जीवाड़ा
फर्म जो कि सोलर लाइट का ही कार्य करती है उसे प्रदेश शासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी थी किंतु उसके द्वारा डिंडोरी जैसे पिछड़े जिले को निशाने पर रख कर कमीशन के बूते ग्राम पंचायतों में बिना देखरेख, मनमानी कीमत पर सोलर लाइट लगाने का काम किया गया। शासन द्वारा सोलर लाइट की खरीद पर लगाए जाने के बाद इस फर्म को अधिकांश भुगतान डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायतों से ही किए गए है। अन्य जिलों में इस फर्म के द्वारा बहुत कम पंचायतों में लाइट लगाई गई है। फर्म को शासन द्वारा जारी प्रतिबंध की जानकारी थी इसका खुलासा इस बात से भी होता है कि उक्त फर्म से ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाई किंतु प्रेषित बिलों में एल.ई. डी. लाइट का उल्लेख किया है जो कि एक तरह का फर्जीवाड़ा है। फर्म के बिल, पंचायत में लगाई गई लाइट और इसकी दर की जांच कराकर फर्म के विरुद्ध कार्यवाही की जाना चाहिए। अभी भी जिले की कई ग्राम पंचायतों में उक्त फर्म के बिलों का भुगतान लंबित होने की संभावना है, उनके भुगतान पर तत्काल रोक लगाकर फर्म के विरुद्ध कार्यवाही की जाना चाहिए।
मझियाखार ग्राम पंचायत जांच में पाई गई अनियमितता
बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मझियाखार के सरपंच, सचिव द्वारा शासन के दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाते प्रतिबंध के बावजूद ग्राम पंचायत द्वारा अमानक स्तर के सोलर लाईट खरीदी के नाम पर सप्लायर वंश सोलर एनर्जी को 7 लाख 89 हजार रुपए भुगतान किया गया था। जिस पर सोलर लाईट खरीदी में दिशा निर्देशों की अवहेलना एवं वित्तीय अनियमितता के चलते जिला प्रशासन के निर्देश पर पंचायत निरीक्षक एवं पंचायत समन्यवक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने मामले की जांच में अनियमितता किए जाने की पुष्टि करते हुए जांच प्रतिवेदन तैयार कर अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला पंचायत सीईओ को प्रेषित किया है। जिस पर बहुत जल्दी कार्यवाही हो सकती है।
बताया जाता है कि विद्युत सामग्री सप्लाई करने वाले फर्म वंश सोलर एनर्जी ने सरपंच, सचिव और अधिकारियों से मिलकर शासन के आंखों में धूल झोंकने का काम करता रहा। इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में है। सूत्रों की माने तो इस खेल में जमकर बंदरबाट और फर्जीवाड़ा हुआ है। किंतु अभी तक सिर्फ एक पंचायत की ही जांच हुई है जबकि जिले के बजाग, करंजिया, समनापुर, डिंडोरी, मेंहदवानी जनपद की 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में इस तरह का घोटाला हुआ है, सबकी जांच होना चाहिए।

आगे ….
बैगांचल एक्प्रेस, द्वारा इस पूरे मामले की सूक्ष्मता से पड़ताल की जा रही है बहुत जल्दी इस मामले से जुड़े और जानकारी और सोलर लाइट खरीदी के नाम पर जिले की किस पंचायत ने कितने लाख का किया घोटाला इसका खुलासा किया जाएगा।
