बैगांचल एक्सप्रेस, 20 सितंबर 2025, जबलपुर, मध्यप्रदेश में जबलपुर का दशहरा और दुर्गा उत्सव प्रदेश भर में सबसे बड़े रूप में और भव्यता से मनाया जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि देश में पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे नम्बर पर जबलपुर का नवरात्रि उत्सव और दशहरा आता है। नव दिनों तक जबलपुर शहर धार्मिक आस्था और उत्सव में डूबा रहता है। जबलपुर के दुर्गा उत्सव की अपनी कई विशेषताएं और मान्यताएं है। कुछ दुर्गा पंडाल सबसे पुराने है कुछ अपनी झाकी के लिए विख्यात है तो कुछ जेवरात को लेकर प्रसिद्ध है। सभी पंडालों की अपनी अपनी मान्यता है।

इसी क्रम में इस वर्ष गढ़ाफाटक की महाकाली को सवा किलो वजन का सोने का मुकुट चढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री वृहत महाकाली महोत्सव समिति कालीधाम गढ़ाफाटक में पिछले 126 वर्षों से स्थापित की जा रही माता महाकाली की प्रतिमा शहर के साथ-साथ पूरे प्रदेश में आस्था का केन्द्र है। श्रद्धालुओं की मंशा के अनुरूप समिति ने संकल्प लिया है कि इस वर्ष माता महाकाली को सवा किलो सोने का मुकुट तैयार करके चढ़ाया जाये। यद्यपि संकल्प बड़ा है लेकिन माता रानी की कृपा और श्रद्धालुओं की आस्था उससे अधिक है। जनसहयोग से ही यह संकल्प पूरा हो सकेगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि बहुत से श्रद्धालुओं ने अपनी क्षमता के अनुसार अर्थदान करने की इच्छा भी व्यक्त की है। लिहाजा समिति ने श्रद्धालुओं के संकल्प को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है निधि संग्रह करके सवा किलो सोने का मुकूट नवरात्रि में तैयार कराके माता महाकाली के माथे पर समार्पित किया जाएगा। निधि संग्रह का काम नवरात्र से ही प्रारंभ होगा।

