अपनी ही सरकार के खिलाफ जर्जर सड़कों पर उतरने मजबूर भाजपा विधायक

अव्यवस्थाओं और अफसरशाही से आमजन तो परेशान है ही अब जनप्रतिनिधि भी प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ खुलकर बोलने को मजबूर है।

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, 19 सितंबर 2025, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने गुरुवार को जिले में नव निर्मित घटिया प्रधानमंत्री सड़क का वीडियो जारी कर जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता का एक और उदाहरण पेश किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेंहदवानी विकासखंड में ग्राम पायली से कुकर्रा राई रोड, जिसका निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत लगभग एक वर्ष पहले जिले के ही एक ठेकेदार सुरेंद्र राय द्वारा करवाया गया था बुरी तरह से उखड़ गई है। प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत इस घटिया निर्माण पर विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और कमीशनखोरी के चलते इतना घटिया कार्य किया गया कि साल भर के अंदर सड़क खराब हो गई जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके बाद भी खराब हुई सड़क की मरम्मत का कार्य विभाग द्वारा नहीं करवाया गया जबकि प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत ठेकेदार की तीन से पांच साल की गारंटी होती है। सड़क योजना के अधिकारियों की अनदेखी के बाद सवाल यह है कि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी इस घटिया निर्माण के विरुद्ध कोई कार्यवाही, विभाग को शिकायत कर सड़क को सुधरवाने की दिशा में कदम नहीं उठाए गए। सड़क निर्माण कंपनी द्वारा कराए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता और घटिया कार्यों पर कार्यवाही की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है। किंतु प्रशासनिक उदासीनता के कारण भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे को अपनी ही सरकार के घटिया कार्यों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को सार्वजनिक करना पड़ रहा है। भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी और सबसे पुरानी योजना का भाजपा सरकार में ही बुराहाल हो रहा है, योजना को सरकारी अमले और ठेकेदारों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का अड्डा बना लिया गया है।

यह पहला मामला नहीं है जब जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से परेशान आमजन के लिए भाजपा विधायक को मजबूरन प्रशासन के खिलाफ आवाज उठानी पड़ी ही। पिछले दिनों भाजपा विधायक ने जनसुनवाई में आमजन के आवेदनों पर उचित ढंग से कार्यवाही नहीं किए जाने का मामला सार्वजनिक किया गया था, इसी तरह बैगा जनजातियों को भू अधिकार पत्रों के वितरण में गड़बड़ी पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को बैगा आदिवासियों को भू अधिकार पत्र दिए जाने के निर्देश दिए थे। कुछ माह पहले उन्होंने डिंडोरी मंडला मार्ग निर्माण की कमियों पर विभाग के अधिकारियों को मौके पर ले जाकर गड़बड़ियों को उजागर किया था। जिसमें सड़क योजना के अधिकारियों द्वारा माननीय की बातों की अनदेखी करके भाग जाने का वीडियो काफी वायरल हुआ था।

जिले में अव्यवस्थाओं और गड़बड़ियों पर अपनी ही सरकार और प्रशासनिक अमले की इस तरह की कार्यप्रणाली पर भाजपा विधायक ओम प्रकाश धुर्वे का सवाल किया जाना और अलग अलग विषयों को सार्वजनिक किया जाना आश्चर्य की बात है। उससे भी बड़ी आश्चर्य की बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार होते हुए भी पार्टी संगठन के राष्ट्रीय मंत्री, पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ विधायक की नाराजगी के बाद भी न तो कोई सुधार होता दिखाई दे रहा है न ही सरकार, उदासीन और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही कर रही है। जिससे टकराव की स्थिति भी बन रही है वही यह स्थानीय जनप्रतिनिधि की उपेक्षा आमजन की उपेक्षा है। सीधी और सरल बात यह है कि जब माननीय विधायक की शिकायतों का प्रशासन पर कोई असर नहीं है तो आमजन की शिकायते भला कौन सुनने वाला है। अनुमान लगाया जा सकता की आमजन प्रशासनिक अव्यवस्थाओं से कितना परेशान होगा। सरकार तक यह बात पहुंचनी चाहिए कि भाजपा के इस लंबे शासनकाल में आमजनता के साथ साथ अब उनके अधिकारियों द्वारा माननीयों की भी उपेक्षा की जा रही है। डिंडोरी विधानसभा के विधायक विपक्षी दल से है जब भाजपा के विधायक और वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार की पोल खोलने और अव्यवस्थाओं को सार्वजनिक करने को मजबूर हो चुके है तो कांग्रेस विधायक की शिकायतों और मांग को अधिकारी कितनी गंभीरता से लेते होगे विचारणीय है। प्रदेश सरकार को माननीय विधायक की शिकायतों पर तत्काल कठोर कार्यवाही नहीं करने से जिले की व्यवस्थाएं और अधिक निरंकुश हो सकती है जिसका परिणाम जिले की आम जनता और भोले भाले बहुल आदिवासी जनता को उठाना पड़ेगा वहीं भविष्य में टकराव की स्थिति से भी नकारा नहीं जा सकता। जरूरी है कि शासन विधायक महोदय की शिकायतों को गंभीरता से सुने और निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करे।

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