डिंडोरी, जिले के अमरपुर जनपद पंचायत के मौहारी गांव के ग्रामीण कीचड़ भरे रास्तों पर चलने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण आरोप लगाते हैं कि 2018 में मुख्य सड़क से मूलचंद के घर तक सड़क बनाने के लिए आवंटित की गई राशि का उपयोग किसी और काम के लिए किया गया है।ग्रामीणों के अनुसार, सड़क बनाए बिना ही ₹3 लाख की राशि निकाल ली गई थी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से लेकर कलेक्टर तक को इसकी शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उक्त कार्य के नाम पर खर्च की गई राशि के बिल और भुगतानो की जानकारी भी पंचायत द्वारा सार्वजनिक की गई है जिसने अलग अलग मटेरियल सप्लायर्स को भुगतान कर दिया गया है जबकि मौके पर सड़क का अस्तित्व नहीं है।
सप्लायर्स को लिया जाए जांच के दायरे में
जिले की पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतें बड़ी संख्या में देखी जाती रही है। ऐसे मामलों में जांच के पास पंचायतों से राशि की वसूली के आदेश तो कर दिए जाते है किंतु सरपंच और सचिव से वसूली हो नहीं पाती। इस तरह के घोटालों में मटेरियल सप्लायरों की बड़ी भूमिका होती है जिनके फर्जी बिलों के माध्यम से पंचायत की राशि आहरित की जाती है।किंतु इन मामलों की जांच में इन सप्लायर्स को बरी कर दिया जाता है। जबकि इनके फर्जी बिलों की सूक्ष्म जांच की जानी चाहिए, इनके द्वारा कथित कार्यों में जो सीमेंट, रेत, गिट्टी के बिल दिए जाते है उन तिथियों पर इनके नाम की रेत और गिट्टी की रॉयल्टी और सीमेंट आदि सामग्री की खरीदी के दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। जिससे इन बिलों की पड़ताल हो सके कि ये फर्जी है या वास्तविक इसके आधार पर इनसे भी वसूली और इन्हें ब्लैक लिस्टेड किए जाने की कार्यवाही भी जावे इससे इस तरह के फर्जीवाड़े पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। यदि भ्रष्टाचार के मामलों में सप्लायर्स फर्जीवाड़ा कर रहे है तो इन पर शिकंजा क्यों नहीं कसा जा रहा है यह बड़ा सवाल है।


इस मामले पर दो अलग-अलग पक्ष हैं:
ग्रामीण मूलचंद: उनका कहना है कि 2018 में उनके घर तक सड़क बनाने के लिए आवंटित राशि सरपंच की लापरवाही के कारण निकाल ली गई। वे यह भी कहते हैं कि बीजा में कोई मूलचंद नाम का व्यक्ति नहीं रहता है।सरपंच कमलवती धुर्वे: उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सड़क बीजा में बनाई गई थी और उन्होंने किसी भी राशि का गबन नहीं किया है।इस घटना से ग्रामीणों में निराशा है क्योंकि वे लंबे समय से पक्की सड़क का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।क्या आप इस विषय पर और जानकारी जानना चाहेंगे?

