आरोपों की जांच न कर घटिया पुलिया निर्माण का मूल्यांकन : अधिकारियों के संरक्षण में फ़लता भ्रष्टाचार

बजाग से अमित साहू की रिपोर्ट :

डिंडोरी जिले के बजाग जनपद में एक पुलिया के निर्माण को लेकर जो मामला सामने आया है, वो भ्रष्टाचार की तरफ साफ इशारा कर रहा है। यहाँ के बजाग जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सरवाही में मंगल के खेत के पास जंगल नाला में मनरेगा योजना के तहत बनाई गई एक पुलिया में घटिया निर्माण का आरोप लगा है। इस आरोप के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।इस मामले में ग्रामीणों ने लगातार शिकायतें की जिस पर कोई कार्यवाही जनपद द्वारा नहीं की है। शिकवा शिकायत शांत होने के एक साल बाद भी जांच के बजाय, ऐसा लगता है कि अधिकारी और सरपंच-सचिव सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पुलिया से जुड़ी जानकारी को सूचना पटल पर भी नहीं डाला गया है, जिससे इस काम में हुई गड़बड़ी और भी ज्यादा साफ हो रही है।

मुख्य आरोप ये हैं कि पुलिया की नींव (फाउंडेशन) को अनुमानित गहराई तक नहीं खोदा गया और किनारे की दीवारें भी तय किए गए मापदंडों के अनुसार नहीं बनाई गईं। इसके बावजूद, तकनीकी कर्मचारियों ने भुगतान की मंजूरी दे दी है। यह सब देखकर ऐसा लगता है कि सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल करने में सरपंच, सचिव और तकनीकी कर्मचारी सभी मिले हुए हैं।

इस मामले पर सहायक यंत्री बी.एस. तिलगाम ने कहा है कि वह इसकी जांच करेंगे। हालाँकि, सवाल यह उठता है कि क्या वाकई कोई कार्रवाई होगी, या ये मामला भी पहले की तरह दबा दिया जाएगा। यह स्थिति दिखाती है कि कैसे कुछ अधिकारी और कर्मचारी मिलकर सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं और आम लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करते हैं। गौरतलब है कि जनपद बजाग के तकनीकी अमले पर लगातार भ्रष्टाचार को संरक्षण दिए जाने के आरोप लगते रहे है वही सहायक यंत्री भी विवादों में बने रहते है किंतु जिला पंचायत और प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होने से जनपद पंचायत का तकनीकी अमला पूरी तरह से मनमानी पर उतारू है और ग्रामीणों की शिकायतों को दर किनार कर निर्माण कार्यों में ग़ड़बड़ी और धांधलियों को अंजाम दिया जा रहा है।

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