जिला मुख्यालय में डिवाइडर निर्माण का यातायात पर असर, उड़ती धूल से लोग परेशान

नर्मदा जयंती के दस दिन पहले मेन रोड पर निर्माण कार्य शुरू किया गया

25 लाख की लागत से हो रहा डिवाइडर का निर्माण

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, जिला मुख्यालय के इकलौते मुख्यमार्ग पर अवंति बाई चौक से उत्कृष्ट स्कूल तक निर्माणाधीन डिवाइडर निर्माण कार्य लोगों के लिये परेशानी का सबब बन रहा है। सोमवार की रात शुरू हुये इस कार्य के शुरुआती चरण में पूर्व से बने निर्मित डिवाईडर को देर रात तोड़ने का काम शुरू किया गया और जिसका परिणामस्वरूप मंगलवार को आसपास के रहवासियों और राहगीरों को भारी धूल की समस्या का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि इस मार्ग पर शहर के मेन मार्केट की दुकानें स्थित है, जिनमें सड़क से चलने वाले वाहनों के कारण धूल उड़कर दुकानों के अंदर तक धूल जाने से दुकानों की सामग्री खराब हो रही है। ग्राहकों का बैठना मुश्किल हो रहा है। वही गारमेंट, कपड़ों आदि की दुकानों के लिए अत्यधिक परेशानी हो रही है, धूल से माल को खराब होने से बचना दुकानदारों के लिए बड़ी समस्या बन रही है जिससे उनके लिए दुकान खोलना कठिन हो रहा है। इसके चलते दुकानदारों में भारी आक्रोश है पर नगर परिषद की मनमानी और लापरवाहीपूर्ण कार्यप्रणाली के सामने लोग चुप बैठे है।

मुख्यमार्ग में किए जा रहे निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। पास से गुजरने वाले राहगीरों और वाहनों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था निर्माण स्थल पर नहीं की गई है। धूल और खुदाई से सड़क के दोनों ओर यातायात प्रभावित हो रहा है। धूल नियंत्रण हेतु निर्माण एजेंसी द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए है।

बुधवार को मकरसंक्रांति पर नगर में श्रद्धालुओं की नर्मदा स्नान हेतु बड़ी संख्या में आने से यातायात में परेशानी की संभावना बढ़ गई है। वही नर्मदा जयंती को मात्र 10 दिन शेष है और इतने कम समय में उक्त डिवाइडर का निर्माण पूर्ण होना संभव नहीं है। ऐसे में अव्यवस्थित ढंग से किया जा रहा डिवाइडर निर्माण नर्मदा जयंती के आयोजनों के साथ साथ नगर में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी खड़ी करेगा वहीं दुर्घटना की आशंका भी है। नगर परिषद द्वारा समय और परिस्थितियों की गंभीरता पर बिना विचार किए गलत समय पर किए जा रहे निर्माण कार्य से दुकानदार, आमजन, राहगीरों सहित यातायात प्रभावित होगा।

नगर परिषद के जिम्मेदार उपयंत्री शिवराज सिंह का इस विषय पर गैर जिम्मेदाराना बयान है कि धूल उठवा लेगे। जो कि संभव नहीं है। यदि वे आमजन और दुकानदारों की समस्या को लेकर गंभीर होते तो डिवाइडर तोड़ने के बाद धूल साफ करवा कर छिड़काव करा दिया गया होता जिससे आमजन को कम परेशानी होती। किंतु अब तक नगर परिषद द्वारा धूल नियंत्रण हेतु कोई प्रयास नहीं किए जाने, पानी का छिड़काव नहीं करना घोर लापरवाही का नमूना है।जिस पर कार्यवाही कर नर्मदा जयंती तक शहर का यातायात और बाजार की व्यवस्थाएं सुचारू किए जाने हेतु जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए़।

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