नर्मदा को प्रदूषित करने वाले सात नालों के स्थाई समाधान हेतु कार्य प्रारंभ

एक करोड बीस लाख की योजना स्वीकृत

कलेक्टर के निजी प्रयास से हल होगी सार्वजनिक समस्या

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, नर्मदा नदी में सीधे तौर पर मिल रहे नालों के गंदे और दूषित पानी से प्रदूषित हो रहे नर्मदा जल के विषय को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सार्थक प्रयास शुरू किए हैं। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। कलेक्टर की कोशिश के चलते शासन ने नगर में नर्मदा में मिलने वाले सात नालों के गंदे पानी की निकासी के लिये 1 करोड़ 20 लाख की स्वीकृति दी है। इतना ही नहीं स्वीकृति मिलने के दूसरे दिन ही कार्य भी चालू हो गया है।

जानकारी के मुताबिक प्रथम चरण में शांति नगर से नर्मदा पुल तक के तीन नालों के मुहानों पर दूषित पानी को रोका जावेगा और इस गंदे पानी को तकनीकी संस्थानों के जरिये सीवर लाइन में छोड़ा जावेगा, जहां से यह गंदा पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा और शोधन उपरांत सिंचाई के काम आ सकेगा। इस बाबद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने नये साल पर नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने का संकल्प लेते हुये बतलाया कि नगर में शांति नगर से लेकर चन्द्रविजय महाविद्यालय तक सात नालों से होकर नगर का गंदा पानी सीधे पुण्य सलिला नर्मदा जी मे समाहित होता था। जिससे पतित पावनी नर्मदा प्रदूषित हो रही है, वहीं समस्या के चलते धार्मिक आस्था को ठेस पहुँच रही है। इस बावद श्रद्वालुओं, नर्मदा परिक्रमा वासियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी रोष जता कर चिंता जाहिर की थी।

इन्हीं के मद्देनजर कलेक्टर ने निजी प्रयास की बदौलत इन सात नालों से नर्मदा में मिल रहे गंदे पानी से निजात पाने 1 करोड़ 20 लाख की योजना को फौरन ही स्वीकृति मिली है। इस योजना में शांति नगर, नर्मदा मंदिर, नर्मदा पुल, गायत्री मंदिर, रहली मोहल्ला, इमली कुटी और कॉलेज तक के नालों में रिटेनिंग दीवार तैयार कर पानी को रोका जावेगा।इसके साथ ही रोके के पानी को लिफ्ट करके सीवर लाइन में पहुँचाया जावेगा। जहां से यह गंदा पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचेगा। बतलाया गया है कि पानी की निकासी के साथ ही यहां रिटेनिंग दीवार के आसपास जमा होने वाले कचरे को मशीनों के जरिये उठाकर कचरा घर मे ठिकाने लगाया जावेगा।

प्रथम चरण में तीन नाले चिंहित

नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने के प्रयासों के तहत कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की इस उपलब्धि के तहत प्रथम चरण में शांति नगर,नर्मदा मंदिर और नर्मदा पुल तक के तीन बड़े नालों को चिन्हित किया गया है। जहां से सबसे ज्यादा गंदा पानी और कचरा नर्मदा जी मे समाहित होता है, इन तीन नालों के गंदे पानी के स्थाई समाधान के लिये नर्मदा जयंती के पूर्व की तिथि नियत की गई है। जबकि अन्य नालों में यह शोधन कार्य तीन माह के भीतर पूरे किये जाने के निर्देश हैं। जानकारी के अनुसार इन सात नालों में से दो नालों में पंप के माध्यम से गंदा पानी सीवर लाइन में भेजा जावेगा, वहीं पांच नालों की ऊंचाई का फायदा उठाते हुये प्राकृतिक तरीके से सीवरेज लाइन तक पानी निकासी की जावेगी। इस योजना की निगरानी की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है।

पुल पार के लिये भी बनेगी कार्ययोजना

कलेक्टर ने नर्मदा पुल पार तटों पर प्रदूषित हो रहे नर्मदा जल पर चिंता जाहिर की है।उन्होंने इस बाबद कार्ययोजना तैयार करने की बात कही है। कलेक्टर ने जल्दी ही नर्मदा पुल पार आकर्षक और व्यवस्थित तट निर्माण की जानकारी भी दी है। इसे बावद कलेक्टर ने प्रमुख सचिव से भी चर्चा की है।

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