बच्चियों को घुमाने के बहाने जंगल में ले जाकर की छेड़छाड़
बैगांचल एक्प्रेस, डिण्डौरी, जिला अभियोजन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना शाहपुर के अपराध क्र. 316/2023 प्रकरण क्रमांक एससी/25/2013 के आरोपी मदन सैयाम पिता गणेश उम्र 23 वर्ष निवासी लोंदाझिर थाना शाहपुर जिला डिण्डौरी को 3 बालिकाओं को बाईक में बिठाकर ले जाने एवं छेड़छाड़ करने के मामले में माननीय न्यायालय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम डिण्डौरी द्वारा आरोपी को धारा 363 भादवि के अपराध के लिए 5 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, धारा 354 भादवि के अपराध के लिए 05 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, धारा 354(क)(ii) सहपठित धारा 354(2) भादवि के अपराध के लिए 03 वर्ष कठोर कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। शासन की ओर से मनोज कुमार वर्मा, विशेष लोक अभियोजक डिण्डौरी द्वारा मामले का सशक्त संचालन किया गया।
पूरी घटना इस प्रकार :
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, प्रार्थीया ने लिखित आवेदन पत्र इस आशय का पेश किया कि मैं निवासी ग्राम लोदाझिर चौकी विक्रमपुर की रहने वाली हूं। धरेलू काम करती हूं। मेरी एक बच्ची उम्र 7 साल एवं एक लडका बच्चा उम्र 4 साल का है। बच्ची कक्षा दूसरी में पढती है। मेरा पति काम करने बाहर गया है। दिनांक 19.09.23 को मैं अपने घर के अन्दर खाना खा रही थी मेरी बच्ची घर के पास तिराहा में खेल रही थी। सुबह करीबन 11 बजे जब बच्चिया नही दिखी तो मैं ढूढ रही थी। फिर दोपहर करीबन 01.00 बजे रानीदादर से एक महिला का फोन आया कि 3 बच्चिया लोदाझिर की यहां पर है रो रही है। तब मैं गांव वालो के साथ मोटर सायकल में रानीदादर गई तो हमारी तीनो बच्चियां रानीदादर बस्ती में मिली तो मेरी बच्ची ने बताया कि हम लोग गांव में खेल रहे थे तो एक मोटर सायकल वाले ने चलो गणेश बब्बा जी दिखाकर लाता हूं कहकर मोटर सायकल में बैठालकर जंगल में लेकर आया था और मोटर सायकल खडे करके मुझे हाथ पकडकर जंगल तरफ खीच रहा था वह जंगल में लेट गया तो मैं भाग कर रोड पर आ गई और पास में दो लोग गाय चरा रहे थे उनको सारी बात बतायी। घटना के समय मवेशी चराने वाला रानीदादर का शम्भू लाल बरकडे, रामनरेश मरावी, देखे है और फिर मेरी बच्ची ने घटना के बारे में मुझे बताया कि लोदाझीर का मदन सैयाम अपनी मोटर सायकल में हम तीनो को बैठाकर लेकर गया था और मेरा हाथ पकडकर खीचकर छेडखानी किया है। रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही की जाये। रिर्पोट पर अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया। विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । तदुपरांत अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम डिण्डौरी द्वारा उपरोक्तानुसार दण्ड से दण्डित किया गया ।

