अजगर : पंचायत ने बोल्डर पत्थर भर कर बना दिया 15 लाख का स्टॉपडेम

भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं में रही है अजगर पंचायत

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, बैगा बाहुल्य डिंडोरी जिले में प्रशासन का नियम कायदों को लेकर रवैया आखिर इतना नरम और सुस्त क्यों है, यह सवाल हर किसी के मन में उठता है। विशेष जनजाति बैगा के उत्थान के लिए शासन अनेक योजनाएं चला रहा है ताकि यह पिछड़ी जनजाति को मुख्यधारा के साथ जोड़ा जा सके किंतु इन भोले भाले बैगाओं की योजनाओं में जमकर पतीला लगाया जा रहा है और दुख का विषय ये है कि जिम्मेदार पूरी तरह से आंखे मूंदे बैठे हुए है, जिसके चलते बैगा जनजाति अब तक पटरी पर नहीं आ पा रही है।

वन अंचल में स्थित बैगा ग्राम अजगर ऐसा ही एक बैगा बहुल आबादी वाला गांव है जहां विकास दम तोड़ता देखा जा रहा है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार मनमानी और भ्रष्टाचार पर उतारू है, ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद भी अधिकारी इस ओर झांकने की जेहमत नहीं कर पा रहे, आखिर पंचायत के जिम्मेदारों को किसका संरक्षण प्राप्त हो रहा है? अधिकारी क्यों चुपचाप पंचायत में चल रहे भ्रष्टाचार को निहार रहा है?

फिलहाल समनापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत अजगर में स्टॉप डेम निर्माण कार्य की अनोखी दास्तान देखने मिल रही है इसमें न एप्रोन, न ही डाउन एप्रोन डाला गया बस बेस बनाकर खड़ा हो स्टॉप डेम। अजगर ग्राम पंचायत के ऊपर टोला में पकरी नाला में ₹ 15 लाख की लगत से स्टॉप डेम निर्माण किया गया है। जिसमें कार्यस्थल पर देखा जा सकता की साइड वाल में पत्थर भर कर बनाई गई है वही साइड शोल्डर निर्माण पत्थरों से कर दिया गया है। इस स्टॉप डेम में जल कहा से आयेगा और भराव कहा होगा यह समझना भी कठिन है। स्थल चयन और इस कार्य की उपयोगिता को लेकर भी ग्रामीणों द्वारा सवाल किए जा रहे है, इसकी जांच होना चाहिए़। इस तरह एक कमजोर संरचना का निर्माण कर अपनी जेब भरने का खुला खेल जारी है जिसकी जांच की जरूरत है, यदि प्रशासन में बैठे अधिकारियों को सरकारी धन के उपयोग की थोड़ी भी परवाह या जवाबदेही हो तो!

ग्रामीणों का कहना है सचिव और सरपंच की मनमानी के चलते निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के द्वारा कार्यस्थल पर सूचना पटल बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि निर्माण कार्य प्रारंभ होने के पूर्व में सूचना पटल पर पूरी जानकारी प्रदर्शित करना है। लेकिन सचिव, सरपंच और इंजीनियर द्वारा नियम की खुली अनदेखी कर तकनीक के आधार पर काम न कराकर सिर्फ लीपापोती की जा रही है, जहा घटिया सामग्री का उपयोग कर उक्त निर्माणकार्य में लीपापोती भर की जा रही है जिससे ग्रामवासी भी नाराज है पर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

ग्राम पंचायत अजगर के ग्रामीणों ने पिछले दिनों जिला प्रशासन से 3 सीसी रोड का कार्य किए बिना ही राशि आहरित किए जाने की शिकायत की थी तब भी उनकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे अब पंचायत के जिम्मेदार खुलेआम स्टॉप डेम निर्माण में गड़बड़ी कर रहे है। जिस पर जनपद के अधिकारी, सब इंजीनियर, एस डी ओ, सब आंख बंद किए बैठे है कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए जरूरी है कि उक्त निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण कर सच को निकाला जाए।

बैंगा बहुल ग्राम पंचायतों में चल रहे भ्रष्टाचार को रोका जाना बेहद जरूरी है ताकि मुख्यत: अत्यंत पिछड़े क्षेत्र में रहने वाली इस जनजाति को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।

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