दो आरोपी गिरफ्तार,एक शासकीय शिक्षक
जादू टोना के शक में की थी वारदात

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, मेहंदवानी थानांतर्गत डोकरघाट में लगभग 22 दिन पहले बोरी के अंदर मिली लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करते हुये पुलिस ने हत्या के आरोप में दो युवकों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। जो मृतक के सगे भतीजे बतलाये गये हैं। इनमें से एक सरकारी शिक्षक है। पुलिस ने हत्या की वजह जादू टोना के शक में चल रही पुरानी रंजिश को बतलाया है।
गौरतलब है कि गत 5 अक्टूबर को नर्मदा किनारे डोकरघाट में बोरी के अंदर से एक लाश बरामद की गई थी। मृतक की पहचान मंगल बैगा 60 साल निवासी धनगांव रैयत के रूप में कई गई थी। पूरे मामले पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज करके विवेचना शुरू कर दी थी। इस दौरान पुलिस को मालूम हुआ कि मृतक मंगल और उसके भतीजों रतन और बैसाखू बैगा के बीच जादू टोना को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।इसके साथ ही पुलिस को जानकारी लगी कि एक साल पहले मृतक के भतीजे रतन की पत्नी की मौत हो गई थी। पेशे से शिक्षक रतन बैगा को शक था कि उसकी पत्नी की मौत मृतक मंगल के जादू टोना के कारण हुई थी। जिसको लेकर दोनो पक्षों में विवाद चल रहा था। इस बीच 3 अक्टूबर की रात रतन और बैसाखू ने एक राय होकर घर के बाहर ही मंगल की गला दबाकर हत्या कर दी और रात में ही मंगल की लाश को बोरी में भरकर दोनों आरोपियों ने मोटरसाइकिल में रखकर कोसम घाट के पुल से नर्मदा नदी में फेंक दिया था।
पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा के मार्गदर्शन में हत्याकांड के खुलासा में थाना प्रभारी श्याम सुंदर उसराठे, उपनिरीक्षक रम्मा लाल मांझी, प्रधान आरक्षक नरेंद्र मार्को, कमलेश भवेदी, आरक्षक सुमेरी लाल मरप्पा की अहम भूमिका रही।


