जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने कुड़ा पंचायत के खिलाफ खोला मोर्चा, विधायक ने विभागों की खोली पोल

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, कूड़ा में जल संकट को लेकर सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों में भारी आक्रोश दिखाई दिया। जिला मुख्यालय के करीब मुख्यमार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत कूड़ा के ग्रामीण गांव की उपेक्षा, शासकीय विभागों की उदासीनता, मनमानी और व्याप्त भ्रष्टाचार पर जमकर भड़के। वही इस दौरान मौके पर उपस्थित विधायक ओमकार मरकाम ने भी जिले की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

विधायक ने शासकीय बैठकों में गलत जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया

चक्काजाम के दौरा मौके पर पहुंचे डिंडोरी विधायक ओमकार मरकाम ने और ग्रामीणों को उनकी समस्या का निदान करने का आश्वासन देकर सड़क से जाम हटवाया। इस दौरान विधायक ओमकार मरकाम ने पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुये बतलाया कि अधिकारियों द्वारा बैठक के दौरान गलत जानकारी दी जाती है। विधायक ने कहा कि बैठकों में बताया जाता है, कि जिले में लगभग 7 हजार हैंडपंप चालू हालत में है जबकि हकीकत में इसी गांव के हेंडपंप बंद पडे है। मरकाम ने कहा कि इंदौर और भोपाल जैसे महानगरों में 90 से 100 किलोमीटर पाईपलाईन बिछाकर पानी की सप्लाई कर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन नर्मदा किनारे बसे इस गांव में लोग चार किलोमीटर दूर से पानी लाकर गुजारा कर रहे है। उन्होंने चेतावनी भी दी है, कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह खुद ग्रामीणों के साथ धरना प्रदर्शन करेगें इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

ग्राम पंचायत पर लगे धांधली के आरोप

सड़क पर उतरकर प्रदर्षन कर रहे ग्रामीणों ने विधायक और अधिकारियों को पेयजल समस्या से अवगत कराते हुए ग्राम पंचायत की धांधली से भी अवगत कराया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है, कि ग्राम पंचायत द्वारा स्कूल टोला के पीछे पुराने पाईप खुले में छोड दिये गये हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। और ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव द्वारा शासकीय राशि में जमकर धांधली की गई है। नियम विरुद्ध तरीके से फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण कर निजी स्वार्थ में पैसा खर्च किया गया है। आरोप यह भी लगाया गया कि ग्राम पंचायत अंतर्गत जिन कार्यों के लिए राशि का आहरण किया गया है, वह काम किये ही नहीं गये है। 5 वां वित्त, 14 वां वित्त, और 15 वां वित्त में ग्राम पंचायत द्वारा व्यय की गई राशि की सूक्ष्मता से जांच की जाये तो सरपंच सचिव के द्वारा किये गये कारनामें उजागर हो जायेगें। यह भी बतलाया गया कि ग्राम सभा के दौरान जानकारी मांगने पर गोलमोल जवाब दिया जाता है। ग्राम विकास और सरकारी योजनाओं की राशि का खर्च पंचायत मनमाने तरीके से कर रही है। आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए और पंचायत के कार्यों की जांच कराने की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की है। ग्रामीणों की मांगों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन अधिकारियों द्वारा दिया गया।

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