खबर का असर, निर्माण में हो रही लीपापोती
सालों से अधूरा पड़ा भवन इंजीनियर और एसडीओ की कार्य प्रणाली पर सवाल
बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, पंचायत करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबसपुर में पंचायत भवन निर्माण कार्य 2020-21 में स्वीकृत हुआ किंतु पंचायत की जिम्मेदारों के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मन मुताबिक निर्माण कार्य को ठेके पर देकर करवाया गया और सामग्री के नाम पर भुगतान तो निकाला गया पर कार्य पिछले 3 से 4 वर्षों में नींव लेबल तक की हो पाया था। भवन निर्माण को लेकर पंचायत के सचिव, सरपंच, सब इंजीनियर, एसडीओ सब शांत बैठे थे। इस मामले को विगत दिनों “बैगांचल एक्प्रेस” द्वारा प्रमुखता से उठाया गया और पंचायत से लेकर जनपद स्तर तक सभी जिम्मेदारों से लगातार सवाल किए गए तब मजबूरी जिम्मेदारों की नींद खुली और अब जाकर काम को पुनः शुरू किया गया है, जिसके अब पूर्ण होने की आशा तो है पर गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं दिखाई दे रही है। पंचायत से लेकर तकनीकी अमला कैसे भी भवन का निर्माण कराकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य अब भी ठेके पर ही करवाया जाने की जानकारी है। और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। कार्य की देखरेख करने तकनीकी अमले के कार्यस्थल पर नहीं आने की भी चर्चा है जिसके चलते निर्माण कार्य पर लीपापोती के भी आरोप लगाए जा रहे है। बताया जाता है कि पलंथ बीम के निचले हिस्से में बड़े बड़े छेद स्पष्ट रूप से दिखाई देते है। किंतु पंचायत के सरपंच, सचिव, इंजीनियर की मनमानी के चलते बिन के नीचे मिट्टी और डस्ट डालकर गड़बड़ी को छुपाने प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगा रहे है, जिसकी जांच होना चाहिए़। कार्य में उपयोग हो रही सीमेंट पर भी सवाल है।

निर्माण कार्य बंद होने पर भी पंचायत ने किया भुगतान
सूत्रों की माने तो उक्त भवन किस निर्माण कई वर्षों से बंद था तब भी पंचायत द्वारा 16 मार्च 25 को 90000 ₹ का भुगतान राजेश ट्रेडर्स के नाम पर किया गया है जबकि पंचायत द्वारा निर्माण अक्टूबर माह में भुगतान के सात माह बाद प्रारंभ किया जा रहा है। इस तरह के फर्जी भुगतान की जांच की जाना चाहिए़।




