कृषि विभाग की निष्क्रियता से जिले में सब्जी उत्पादन में खतरनाक रसायनों का उपयोग

हरियाणा से आए किसान जहरीली सब्जियों का कर रहे हैं उत्पादन

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, जिले में बड़ी मात्रा में रसायनिक खाद का उपयोग कर सब्जी का उत्पादन करने वाले बाहरी प्रदेश के कारोबारियों का प्रकोप जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरे प्रदेश से आकर इन कारोबारियों ने जिले की कम उपजाऊ जमीन सस्ती कीमत पर खरीद कर रसायनों का बेजा उपयोग कर बड़ी मात्रा में सब्जी का उत्पाद शुरू किया है। जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनके द्वारा बड़ी मात्रा में रसायनों का उपयोग किए जाने से सब्जियों का उत्पादन बढ़ जाता है लेकिन ये सब्जियां मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकती है। पिछले सालों में लगातार बाहर के प्रदेश से आकर कारोबारियों ने जिले में इस तरह की घातक सब्जियों को बाजार में तेजी से परोसना शुरू कर दिया है। इनके द्वारा उत्पादित की जा रही सब्जियों में किस मात्रा में रसायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा इसको लेकर कृषि विभाग द्वारा कभी भी कोई पड़ताल नहीं की गई। मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक इन सब्जियों से जिले के आम आदमी का स्वास्थ प्रभावित हो सकता है लेकिन इसको लेकर कृषि विभाग पूरी तरह से लापरवाह है। ये बाहर प्रदेश के कारोबारी किसान बड़ी संख्या में जिले में पैर पसार रहे है। इसकी बड़ी वजह यही है कि यहाँ जिला प्रशासन किसी तरह कोई कार्यवाही नहीं करता और ये निष्चिंत होकर मनमाने तरीके से रसायनों का उपयोग कर खतरनाक सब्जियों की खुलेआम आसानी से खेती कर रहे है।

जहरीले रासायनिक खादों का हो रहा है उपयोग

सब्जी उत्पादन करने वाले किसान ज्यादा कमाई करने के लिए जहां इंसानों को सब्जी के साथ जहर बेच रहे वहीं इन हानिकारक रासायनिक खादों का उपयोग कर जमीन की उवर्रा शक्ति को भी नष्ट कर रहे हैं। एनपीके उवर्रक का इनके द्वारा उपयोग किया जा रहा है जो इंसानों के लिए हानिकारक हो सकता है खासकर जब इसे अधिक मात्रा में मिलाया जाये या इसके संपर्क में आया जाये जिससे विषाक्ता हो सकती है साथ ही इसके उपयोग से मिट्टी और सब्जियों में मौजूद सूक्ष्म जीवों के लिए भी घातक होता है। इसके उपयोग से सब्जियों में लगने वाले कीड़े नष्ट होते हैं और सब्जी में ही रह जाते हैं जिसका उपयोग इंसान कर रहे है। वहीं इनके द्वारा सेलेक्ट बोरान खाद का भी उपयोग किया जा रहा है, जिसका सब्जी का उपयोग करने वाले मनुष्यों पर बुरा प्रभाव पडने की पूरी संभावना रहती है। जिसके निरंतर उपयोग से पेट, आंत, यकृत, गुर्दे और मस्तिष्क पर असर पडता है, और अतंतः मृत्यु भी हो सकती है। जानकारों की मानें तो प्रतिदिन 20 मिलीग्राम से अधिक खुराक लेने से पुरुषों में प्रजनन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसके अलावा विषाक्तता के लक्षणों के साथ चिड़चिड़ापन कंपकंपी, कमजोरी, सिरदर्द, दस्त और उल्टी जैसे लक्षण भी शामिल हैं। इसके साथ ही उत्पादकों द्वारा कैल्शियम नाइट्रेट का भी उत्पादन बढ़ाने के लिए भारी तादाद में उपयोग किया जा रहा है जिसके संपर्क में आने से इंसानों पर कई विपरीत प्रभाव पड़ सकते हैं। जैसे कि सांस लेने पर खांसी, और गले में खरास, निगलने पर आंतरिक जलन या मतली और त्वचा पर लालिमा और खुजली। लंबे समय तक या बार-बार संपर्क में रहने से त्वचा की समस्या और बढ़ सकती हैं। बावजूद इसके सब्जी उत्पादक द्वारा इसका भरपूर उपयोग किया जा रहा है और लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।

बड़े गड्ढे में रसायनों को घोलकर सब्जी में डाला जाता है

जिला मुख्यालय से सटे पड़रिया (चांदपुर) में हरियाणा के एक कारोबारी किसान देवेंद्र सिंह जाट द्वारा लगभग 20 एकड़ जमीन में इसी तरह की हाइब्रिड रासायनिक खेती की जा रही है। आसपास पूरे इलाके में अलग अलग तरह के केमिकल्स की बोरिया और पैकेट दिखाई देते है। वही फार्म के अंदर एक बड़े गड्ढे में बड़ी मात्रा में केमिकल घोलकर मशीनों द्वारा उसे पौधे में डाले जाने की व्यवस्था की गई है। इस गड्ढे के पास खड़ा होना मुश्किल है इससे केमिकल की तेज दुर्गंध आती है। फार्म में काम करने वाली महिला मजदूरों ने बताया कि जिन खेतों में ड्रिप से सिंचाई नहीं होती वहां हम लोग इन दवाओं का छिड़काव हाथों से करते है। सब्जियों के उत्पाद में किन किन रसायनों और खाद का किस मात्रा में किसान उपयोग कर रहा है इसकी जानकारी देने के लिए किसान उपस्थित नहीं थे। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि इनके द्वारा बड़ी मात्रा में केमिकल का छिड़काव किए जाने से पूरे क्षेत्र में इसकी दुर्गंध फैलने से आमलोग, पशु पक्षी आदि प्रभावित होते है।

जिला प्रशासन जांच की दरकार

जिले में सब्जी के माध्यम से जहर बेचने वाले इन फार्म हाउस में किस मात्रा में और किन केमिकलों का उपयोग किया जा रहा है इनका मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव हो सकता है। जिला प्रशासन को इसकी जांच कृषि और अन्य विभागों से कराकर जिले में खतरनाक केमिकलों के उपयोग पर रोक लगाई जानी चाहिए। खतरनाक केमिकल और खाद की मात्रा से अधिक उपयोग करने वाले इन किसानों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाना चाहिए। इन किसानों द्वारा सब्जी के साथ लोगों धीमा जहर भी बेचा जा रहा है। जिला मुख्यालय सब्जी बाजार सहित जिले की साप्ताहिक बाजार और कस्बाई क्षेत्र में इनके द्वारा सप्लाई की सब्जियां छोटे सब्जी विक्रेता के पास पहुंच रही। लेकिन लोग इन्हें लोकल सब्जियां समझकर खरीद रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!