AI तकनीक से परिचय करवाने जिले में कौशल विकास रथ का आगमन शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम हुए

नगर की शैक्षणिक संस्थाओं में आयोजित हुए कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था आईसेक्ट की कौशल विकास यात्रा का आगमन डिण्डौरी जिले में हुआ। यात्रा अपने प्रथम चरण में माईक्रोटेक कम्प्यूटर एकेडमी, आईसेक्ट ब्रॉच डिण्डौरी पहुंची जहाँ पर आईसेक्ट संस्था डिण्डौरी के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ द्वारा जोरदार स्वागत किया। तत्पश्चात आईसेक्ट ब्रॉच डिण्डौरी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में आईसेक्ट के जिला प्रबंधक के.एस. राजपूत ने यात्रा में पधारे अतिथियों का तिलकवंदन एवं फूलमाला से स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता के तेलीय चित्र पर तिलक वंदन कर एवं छात्राओं के द्वारा सरस्वती वंदना गायन के साथ किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यक्रम का संचालन कर रहे आईसेक्ट ब्रॉच मैनेजर नरेन्द्र सिंह राजपूत ने यात्रा की भूमिका पर बोलते हुये कहा कि यह यात्रा विगत 15 वर्षों से हमारे भाहर एवं संस्था पहुँचकर छात्र – छात्राओं एवं युवाओं को हमेशा नई-नई तकनीक से परिचित करा रही है। यात्रा में पधारे अतिथियों के द्वारा जो बहुमूल्य जानकारी दी जाती है वह सभी के लिये उपयोगी होती है। उन्होंनें कौशल उन्नयन के बारे में बताया कि कौशल विकास यात्रा एक शैक्षणिक अभियान नहीं है बल्कि यह युवाओं को तकनीकों से जोड़ने, रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। यह कार्य हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व ने किया जा रहा है। इसके पश्चात पी.एम.के. के उमरिया के सेंटर संचालक अशोक बारी ने कम्प्यूटर की उपयोगिता एवं रोजगार विषय पर प्रकाश डाला। तत्पचात आईसेक्ट कटनी के सेंटर हेड जय प्रकाश परोहा ने आईसेक्ट नेटवर्क के बारे में विस्तार से बताया उन्होंने कहा हमारा नेटवर्क पूरे देश में है। इस समय 20000 शाखायें एवं 6 विश्वविद्यालय संस्था द्वारा स्थापित किये जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 200 से अधिक कोर्सेस संचालित किये जा रहे है। उ‌द्बोधन की इसी कड़ी में शहडोल संभाग के रीजनल मैनेजर अमृत निगम ने ए.आई. की उपयोगिता के विशय पर बोलते हुये बताया कि आज हर जगह ए.आई. का उपयोग किया जा रहा है। कृत्रिम बृद्धिमत्ता के माध्यम से मशीनों को आदेश देकर कार्य कराया जाने लगा है। आईसेक्ट उमरिया से आये आशीष पाण्डे ने चैटजीपीटी से सचिंग कैसे की जाती है इसके बारे में एक प्रेजेन्टशन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में आईसेक्ट के जिला प्रबंधक के. एस. राजपूत ने कहा कि यदि आज के समय में आपको रोजगार प्राप्त करना है तो आपके हाथ में कोई कला एवं कौशल होना चाहिये उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में भी किताबी शिक्षा के साथ-साथ रूचि के अनुसार कौश्ल शिक्षा से संबंधित कोर्सेस भी जोड़े गये है।

अगले चरण में यात्रा को नरेन्द्र सिंह राजपूत ने छात्र-छात्रों के साथ हरी झंडी दिखाकर सरस्वती हायर सेकेण्डरी स्कूल डिण्डौरी की ओर रवाना किया जहाँ पर यात्रा का स्वागत प्रधानाचार्य श्रीमति संतोषी सोनी एवं भैया/बहनों ने किया। विद्यालय के सभा कक्ष में लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राओं के बीच कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें यात्रा के साथ चल रहे विषय विशेषज्ञयों ने ए.आई एवं अन्य जानकारियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष अशोक अवधिया ने इस प्रकार की कौशल विकास यात्रा निकालने हेतु आईसेक्ट संस्था की सराहना की और समस्त भैया बहिनों को नई तकनीक से परिचत होने के लिए प्रेरित किया। संस्था में निबंध, पोस्टर, एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले वाले भैया/बहिनों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचर्य श्रीमति सोनी ने किया। विद्यालय में पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई। अंतिम चरण में यात्रा को पी.व्ही.टी.जी. केन्द्र पहुँची जहां पर छात्र-छात्राओं के मार्गदर्शन के पश्चात उमरिया जिला की ओर रवाना की किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में तरूण बर्मन, गंगोत्री कुशराम ललिता मरावी अमृता मरावी, अंकू मरावी, आरती पड़वार एवं ओमवती धुर्वे का सहयोग सराहनीय रहा ।

उल्लेखनीय है कि पिछड़े आदिवासी अंचल डिंडोरी में कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में आइसेक्ट कम्प्यूटर का महत्वपूर्ण योगदान है। जिले में कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देने वाली जिले की सबसे पुरानी संस्था है जिसके सैकड़ों छात्र आज प्रदेश भर में रोजगार से जुड़े हुए है। जिले में कंप्यूटर शिक्षा प्रारंभ करने में संस्था के संचालक के एस राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा, जिन्होंने पिछड़े जिले के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करने की दिशा में कंप्यूटर कौशल की शुरुआत जिले में की थी।

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