जिला शिक्षा अधिकारी ने फोन पर प्राचार्य से की अभद्र भाषा में बातचीत, शिक्षकों का विरोध

जिला शिक्षा अधिकारी ने फोन पर प्राचार्य से की अभद्र भाषा में बातचीत, शिक्षकों का विरोध

डिण्डौरी, जिले के डीपीसी एवं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रावेन्द्र मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने शहपुरा स्थित मॉडल स्कूल के प्राचार्य को फोन पर बातचीत के दौरान अपमानजनक टिप्पणी की। वायरल आडियो में डीपीसी व प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रावेन्द्र मिश्रा द्वारा प्राचार्य वेदप्रकाश साहू को यह कहा जा रहा है कि दो कौड़ी के वरिष्ठ अध्यापक कल तुम शहपुरा में रहना मैं तुम्हें वहीं आकर देखता हूं। इस घटना की चर्चा पूरे शिक्षा विभाग में हो रही है और शिक्षकों में नाराज़गी देखने को मिल रही है।

सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य से फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसको सुनकर लोग जिला शिक्षा अधिकारी की निंदा कर रहे और मिश्रा द्वारा प्रयोग की गई भाषा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जिले का शीर्ष शिक्षा अधिकारी यदि अधीनस्थों से इस तरह का व्यवहार करेगा तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था और कार्यसंस्कृति पर पड़ेगा।

इस प्रकरण को लेकर शिक्षक संगठनों ने भी नाराज़गी व्यक्त की है और कहा है कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
शिक्षकों ने मांग की है कि कलेक्टर एवं संभागीय आयुक्त इस मामले को गंभीरता से लें और अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों से शालीन व्यवहार करने के निर्देश दें। फिलहाल इस पूरे विवाद पर जिला शिक्षा अधिकारी रावेन्द्र मिश्रा का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। जिस तरह की भाषा का उपयोग उन्होंने किया है उस पर वे सफाई देने की स्थिति में है भी नहीं वे सिर्फ रिकॉर्डिंग को फर्जी बताता सकते है किंतु पीड़ित प्राचार्य द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी मुकर भी नहीं सकते है।

शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

डिण्डौरी डाइट प्राचार्य एवं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रावेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा शासकीय मॉडल स्कूल शहपुरा के प्रभारी प्राचार्य वेदप्रकाश साहू को “दो कौड़ी के वरिष्ठ अध्यापक” एवं “साले” जैसे अपमानजनक शब्द कहे जाने का मामला गरमा गया है। इस टिप्पणी से आक्रोशित संस्था के सभी शिक्षकों ने सोमवार को कक्षाओं में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
शिक्षकों का कहना है कि उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग न केवल अनुचित है बल्कि शिक्षक समाज की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है। शिक्षकों ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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