
बैगांचल एक्प्रेस, भोपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वन मेला वर्ष 2025 के दौरान जिला वनोपज संघ के अंतर्गत वनधन केंद्र डिंडौरी और भानपुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए “उत्कृष्ट वनधन केंद्र” की श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से डिंडौरी जिले का नाम राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।
यह उल्लेखनीय सफलता वनमंडल अधिकारी पुनीत सोनकर के कुशल नेतृत्व एवं उनकी टीम के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी। उनके मार्गदर्शन में वनधन केंद्र द्वारा उत्पादों की गुणवत्ता, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देखने को मिले।

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में वनधन केंद्र भानपुर द्वारा प्राकृतिक एवं औषधीय गुणों से भरपूर वनोपज उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। इनमें आंवला आचार, आंवला कैंडी, शतावर चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, कालमेघ चूर्ण, शुद्ध शहद, मशरूम पाउडर एवं अर्जुन चाय प्रमुख रहे। इन उत्पादों की गुणवत्ता एवं पारंपरिक निर्माण पद्धति को निर्णायक मंडल एवं आगंतुकों द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई।
इस उपलब्धि में वनधन केंद्र की पूरी टीम का योगदान सराहनीय रहा। विशेष रूप से सुनील कोरी, वनरक्षक, भागवत सिंह धुर्वे, प्रबंधक डिंडोरी समिति गौतम सिंह परस्ते, अध्यक्ष वन धन डिंडोरी, लाल सिंह सरकाम, अध्यक्ष वन धन भानपुर, बसंत सोनवानी, सचिव वन धन भानपुर के सतत परिश्रम, अनुशासन एवं टीम भावना से यह सफलता प्राप्त हुई। यह उपलब्धि वनोपज आधारित आजीविका, जनजातीय एवं ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस सफलता के लिए मुख्य वन संरक्षक महोदय, जबलपुर, वनमंडल अधिकारी डिंडौरी, उपवनमंडल अधिकारी डिंडौरी, परिक्षेत्र डिंडौरी एवं उत्तर समनापुर परिक्षेत्र की टीम को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गई हैं, जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से वनधन केंद्र निरंतर प्रगति कर रहा है।

