वनकर्मियों का पदोन्नति में अनियमितता का आरोपः

प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर रिवाइज डीपीसी की मांग

बैगांचल एक्प्रेस, डिंडोरी, सामान्य वनमंडल में वनरक्षक से वनपाल पद पर हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। वन विभाग के कर्मचारियों ने पदोन्नति सूची में अनियमितता के आरोप लगाते हुए प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी को ज्ञापन सौंपकर रिवाइज डीपीसी (रिव्यू विभागीय पदोन्नति समिति) कराने की मांग की है।

वनरक्षक ज्योति सरोज धुर्वे ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को जारी पदोन्नति सूची में वरिष्ठता और विभागीय नियमों का समुचित पालन नहीं किया गया।

कर्मचारियों का कहना है कि पदोन्नति 1 अप्रैल 2025 की वरिष्ठता सूची के आधार पर की जानी थी, लेकिन कई पात्र कर्मचारियों को नजरअंदाज कर दिया गया।

कर्मचारियों के अनुसार, कई ऐसे वनरक्षक हैं जिन्होंने 20 वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर ली है, फिर भी उन्हें पदोन्नति नहीं मिली। वहीं कुछ अन्य कर्मचारियों को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं, जिससे विभागीय कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गोपनीय चरित्रावली (सीआर), अपलेखन प्रकरण और अन्य पात्रता संबंधी बिंदुओं का समान रूप से मूल्यांकन नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वन अपराध प्रकरण (पीओआर) की जानकारी भी निर्धारित अवधि के बजाय दूसरी अवधि की ली गई, जिससे चयन प्रक्रिया प्रभावित हुई।

वनकर्मियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय वनमंडल, उत्पादन, सामाजिक वानिकी, अनुसंधान एवं टाइगर रिजर्व जैसी विभिन्न इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने मुख्य वन संरक्षक से पूरी पदोन्नति प्रक्रिया की समीक्षा कर रिवाइज डीपीसी आयोजित करने और वरिष्ठता व पात्रता के आधार पर नई पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार विशेष कर्तव्य पर कार्यरत वंरक्षकों की पदोन्नति हो गई जबकि बीटों पर दिन रात सदैव तत्पर वनरक्षक अपनी पदोन्नति की उम्मीद में है। इस तरह की गलत प्रक्रिया अपनाने से वनों का दिन रात संरक्षण करने वाले वनकर्मी आक्रोर्षित है।

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